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डॉक्टर बनने का सपना छोड़ श्वेता गुप्ता बनीं सफल शिक्षिका, परिवार के बिगड़ते हालातों ने बढ़ाई थी जिम्मेदारी

Published: Tue, 08 Sep 2026 12:36 PM (IST)

डॉक्टर बनने की इच्छा रखने वाली श्वेता गुप्ता ने पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते शिक्षिका का मार्ग चुना। आज वह अलीगढ़ ...और पढ़ें

रमेश विहार निवासी श्वेता गुप्ता पति अवनीश के साथ। सौ. स्वजन

रमेश विहार निवासी श्वेता गुप्ता पति अवनीश के साथ। सौ. स्वजन

जागरण संवाददाता, अलीगढ़। डाक्टर बनने की इच्छा रखने वाली श्वेता गुप्ता ने परिस्थितियों के चलते अपने करियर रोक दिया, लेकिन सपने को कभी नहीं छोड़ा। उन्होंने बिगड़ते हालातों को पीछे छोड़ परिवार की जिम्मेदारी को उठाया और अपनी शिक्षा को भी पूरा किया।

पिता का साया सिर से हट जाने के बाद उन्होंने शिक्षिका के तौर पर कार्य करना शुरू कर दिया। आज वह शहर के एक प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान में एडमिन मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। वे पढ़ाती भी हैं। इससे वह बहुत खुश हैं।

श्वेता की शादी वर्ष 2015 में रमेश विहार निवासी अवनीश कुमार से हुई। जो भारतीय स्टेट बैंक में शाखा प्रबंधक हैं। श्वेता के पिता अजय कुमार गुप्ता व्यवसायी थे। जो अपने दोनों बच्चों बेटी श्वेता और बेटा रवि की अच्छे से परवरिश कर रहे थे।

अचानक पिता को बीमारियों ने घेर लिया और उन्होंने अपनी सारी जिम्मेदारी श्वेता को सौंप दी। श्वेता ने पारिवारिक जिम्मेदारियों को संभालते हुए भाई को पढ़ाया। पिता के लंबे समय से बीमार होने के कारण श्वेता ने 12वीं के बाद ही शिक्षक के रूप में कार्य करना शुरू कर दिया।

सबसे पहले चिल्ड्रेंस अकादमी स्कूल में कक्षा आठ तक के बच्चों को पढ़ाया। फिर कक्षा नौ से 12 तक के बच्चों को थ्री डाट्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बच्चों को ज्ञान दिया। फिर अलग-अलग संस्थानों में रिसेप्शनिस्ट और टेली-कालिंग जैसे पदों पर काम किया।

करीब 17 वर्ष के वर्क अभ्यास से उनके अंदर आत्मविश्वास और कार्य करने की क्षमता बढ़ी। उन्होंने अपनी पढ़ाई को नहीं छोड़ा। डीएस कालेज से बीए और एमए की पढ़ाई पूरी की। परिवार की स्थिति को देखते हुए उनके पति ने भी पूरा सहयोग किया।