अलीगढ़, जागरण संवाददाता। Aligarh Ramlila 2022 : भारी बरसात के बावजूद अचल ताल स्थित रामलीला मैदान में चल रही रामलीला में भगवान श्रीराम व माता सीता के प्रथम मिलन, पुष्प वाटिका लीला, पार्वती द्वारा जानकी जी को आशीर्वाद, धनुष भंग, Laxman-Parshuram dialogueका परंपरागत मंचन किया गया। जिसे देखकर दर्शक भाव विभोर हो गए। बरसात के चलते दर्शक कम पहुंचे। शुक्रवार को राम बरात का मंचन किया जाएगा। यह बरात Tikaram Temple से परंपरागत तरीके से निकलेगी। bad weather होने पर आयोजन को सीमित किया जा सकता है।

प्रभु श्रीराम को देख जनकपुरी के लोग मोहित : Shri Ramlila Gaushala Committee के तत्वावधान में चल रही रामलीला के मंचन के दौरान मुनि विश्वामित्र सहित राम और लक्ष्मण जनकपुरी माता सीता के स्वयंवर में जाते हैं। जहां जाने से पहले श्रीराम गंगा तट का दर्शन कर पूजा अर्चना करते हैं। श्रीराम मुनि विश्वामित्र से जनकपुरी देखने की इच्छा जताते हैं और जनकपुरी घूमकर सभी को दर्शन देते हैं। प्रभु श्रीराम को देखकर जनकपुरी वासी भी उनके रूप पर मोहित हो जाते हैं।

मुनि विश्वामित्र पूजन के लिए श्रीराम से पुष्प वाटिका से फूल लाने को भेजते हैं। जहां माता सीता भी गौरी पूजन के लिए फूल लेने पहुंचती हैं। यहीं श्रीराम और सीता का मिलन होता है। मिथिला के राजा जनक अपनी पुत्री सीता के विवाह के लिए स्वयंवर का आयोजन करते हैं। इसके लिए सभी शक्तिशाली राजाओंं को न्योता भेजा जाता है। स्वयंवर में मुनि विश्वामित्र भी श्री राम और लक्ष्मण के साथ पहुंचते हैं। अंत में जब कोई राजा धनुष की प्रत्यंचा चढ़ाना तो दूर उसे हिला भी ना सका तब श्री राम ने धनुष उठाया और उस पर प्रत्यंचा चढ़ाया तो उसका खंडन हो गया।

स्वयंबर के दौरान जब सीता जी वरमाला पहनाने जाती हैं तब श्री राम जी कहते है कि मैं क्षत्रीय हूं, सिर नहीं झुकाउंगा। तब सीता जी इशारोंं में लक्ष्मण को राम जी को मानने के लिए कहती है। लक्ष्मण जी के मनाने पर राम जी मान जाते हैं। तब सीता वरमाला पहनाती हैं। भगवान परशुराम जी को जब पता चलता है कि उनके आराध्य भगवान शिव का धनुष किसी ने तोड़ दिया है तो वह क्रोधित होते हुए मिथिला नगरी पहुंच जाते हैं।

परशुराम जी के क्रोध को देखकर भगवान राम ने कहा कि मुनिराज यह सब करने वाला आपका कोई सेवक ही होगा। भगवान परशुराम का क्रोध देखकर राजकुमार लक्ष्मण ने हंसते हुए कहा, हे मुनिराज मेरे लिए तो सभी धनुष एक ही समान है। एक पुराने से धनुष के टूटने से भला किसी को क्या लाभ और क्या हानि होगी। लक्ष्मण संवाद के दौरान जब परशुराम जी अत्यंत क्रोधित होते हैं तो श्री राम उन्हें समझाते हैं। तभी परशुराम जी को एहसास होता है कि वह कोई और नहीं बल्कि भगवान श्रीराम हैं। शांत हो जाते हैं।

नगला तिकोना व बरौला में नहीं हुई रामलीला : भारी बरसात के कारण बरौला व नगला तिकोना में चल रही रामलीला गुरुवार को नहीं हो सकी। आयोजन स्थल के आसपास पानी भरा होने के कारण रामलीला का मंचन नहीं हो सका।

Edited By: Anil Kushwaha