जासं, अलीगढ़ : आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर अमृत महोत्सव की तैयारी जोरों पर है। ऐसे में संत समाज भी महोत्सव को उल्लास के साथ मनाने की तैयारी में जुट गया है। 15 दिसंबर से यह उत्सव मनाया जाएगा। देश के महान क्रांतिकारियों की गौरवगाथा समाज के सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।

प्रतिभा कालोनी में आयोजित बैठक में स्वामी हरिकांत महाराज ने कहा कि संत समाज के लिए भी गौरव की बात है कि आजादी के 75 वर्ष की लंबी यात्रा के साक्षी बन रहे हैं। सुनील कौशल महाराज ने कहा कि देश पर अपना सबकुछ न्योछावर करने वाले बहादुर सपूत किसी संत से कम नहीं हैं। चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, खुदीराम बोस, नेताजी सुभाष चंद्र बोस समेत तमाम भारत माता के सपूतों ने अपने घर-परिवार की चिता नहीं की। आजादी के हवन में अपने प्राणों की आहुति दे दी। उनके बलिदान से आजादी का सपना साकार हो सका है, इसलिए महोत्सव को संत समाज भी उत्साह के साथ मनाएगा। महंत कौशल नाथ ने कहा कि संत समाज को यह उत्सव इतने व्यापक रूप में मना जाना चाहिए कि बच्चे-बच्चे की जुबान पर अमृत महोत्सव का नाम हो। देशभक्तों के स्वरूपों की विशाल शोभायात्रा, झांकी और गोष्ठियां आदि कार्यक्रम होने चाहिए। नगर व्यास महेश व्यास ने कहा कि अमृत महोत्सव का नाम सुनकर ही मन गदगद हो जाता है। यह सौभाग्य बात है कि हम सब भी देशभक्ति के इस कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक जितेंद्र ने कहा कि संत समाज ने जब अमृत महोत्सव को संत समाज का आशीर्वाद मिल गया है तो यह कार्यक्रम जरूर भव्य और दिव्य होगा। बैठक में कौशल व्यास, आनंद कृष्ण, केशव शर्मा, राजेंद्र मोहन, आचार्य रोहिताश्व व विश्व हिदू परिषद के संगठन मंत्री नरेश, मनु उपाध्याय आदि मौजूद रहे।

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