अलीगढ़ (जेएनएन)। भारत में घुसपैठ कर रह रहे रोहिंग्या मुस्लिमों को देश से बाहर करने की सरकार की कवायद के बाद पूर्वोत्तर राज्यों में रोहिंग्या मुस्लिमों का भागना शुरु हुआ है। आवागमन के यह बड़ी संख्या में ग्रुप बनाकर परिवार के साथ रेल यातायात का प्रयोग कर रहे हैँ। पूर्वोत्तर राज्यों से दक्षिण की ओर जाने वाली ट्रेनों में इनकी संभावना को लेकर रेलवे बोर्ड ने भी सभी डिवीजन को पत्र लिखकर ट्रेन में सतर्कता रखने के निर्देश जीआरपी-आरपीएफ को दिए हैं। हांलाकि अलीगढ़ से दक्षिण के लिए सीधी कोई ट्रेन नहीं हैं, लेकिन कुछ दूरी पर दिल्ली व टूंडला पर दक्षिण की ओर जाने वाली कई ट्रेनों का ठहराव है। इसलिए यहां भी इनकी संभावना को देखते हुए सतर्कता बढ़ाई है।

आगरा में पकड़े गए थे 16 रोहिंग्या मुस्लिम

अलीगढ़ के पड़ोसी जनपद आगरा में नौ अक्टूबर को 16 रोहिंग्या मुस्लिम आगरा फोर्ट से पकड़े गए थे। चौकाने वाली बात थी कि इनमें से कुछ ने दो माह पूर्व ही स्टेशन के आसपास खुली बस्ती में डेरा जमाकर रहना शुरु किया था। इस घटना के बाद अलीगढ़ में भी सतर्कता रखने के निर्देश दिए हैं। अलीगढ़ में दिल्ली-हावड़ा की ओर करीब 90 ट्रेनों का ठहराव है। अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पहले ही संदिग्ध गतिविधियों के लिए चर्चित रहा है। चारो ओर से खुला स्टेशन का एरिया भी ऐसे लोगों के लिए सुरक्षित पनाह लेने का स्थान है।

स्क्वाड कर्मियों को किया सतर्क

ट्रेनों की स्क्वाड डयूटी में रहने वाले कर्मचारियों को ब्रीफ कर यहे जानकारी दी गई है कि यह अपने परिवर समेत ट्रेनों में यात्रा कर रहे है और ग्रुप बनाकर चल रहे हैं। इन परिवारों की योजना है वह कुछ समय के लिए कहीं सुरक्षित इलाकों में बस जाएं या केरल चले जाएं।

बरती जाएगी सतर्कता

जीआरपी के इंस्पेक्टर विजय सिंह का कहना है कि ट्रेनों में रोहिंग्या मुस्लिमों की संभावित यात्रा को लेकर सतर्कता रखी जा रही है। दक्षिण के लिए सीधी कोई ट्रेन अलीगढ़ से नहीं है, लेकिन आगरा में इनकी सक्रियता के बाद स्क्वाड कर्मचारियों को निगरानी के निर्देश दिए हैं।

Posted By: Mukesh Chaturvedi