अलीगढ़, जागरण संवाददाता। गांधीपार्क थाना क्षेत्र के नगला मानसिंह में कार चालक को गोली मारने के मामले में 50 से अधिक लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। ऐसे में माना जा रहा है कि कहीं इस घटना के पीछे रोडरेज का विवाद तो नहीं था। इसके लिए पुलिस सीसीटीवी कैमरे खंगालने में लगी है। संदिग्ध युवकों की भी पहचान कराने के प्रयास जारी हैं।

यह है मामला

एटा के शहर कोतवाली के शिकोहाबाद रोड स्थित बापू नगर निवासी आलोक गुप्ता हाथरस में आर्यावर्त बैंक में आइटी मैनेजर हैं। फिलहाल क्वार्सी क्षेत्र के जनकपुरी में रहते हैं। आलोक रोजाना अपनी एक्सयूवी कार से हाथरस आते-जाते हैं। कुछ दिन पहले ही उन्होंने देवसैनी निवासी सुरेंद्र कश्यप को बतौर चालक नौकरी पर रखा है। पांच जनवरी की शाम आलोक रोज की तरह कार से घर लौट रहे थे। आलोक मोबाइल चला रहे थे। तभी कमालपुर रोड पर नगला मानसिंह की पुलिया के पास करीब पौने आठ बजे बाइक सवार तीन लोगों ने कार रुकवाई। आलोक को बिना कुछ बताए सुरेंद्र ने कार रोक ली। इसके बाद बाइक सवार युवकों ने सुरेंद्र को नीचे उतरने के लिए कहा। बार-बार कहने के बावजूद सुरेंद्र नीचे नहीं उतरा तो बाइक सवार खिड़की के पास आ गए। इस पर आलोक कार के नीचे उतर आए और युवकों को रोकने की कोशिश की। इस पर युवकों ने आलोक को अलग हट जाने को कहा और गोली चला दी। गोली शीशे को चीरते हुए सुरेंद्र की कनपटी को छूकर निकल गई। कोई कुछ समझ पाता, इससे पहले ही युवक एटा चुंगी की तरफ फरार हो गए।

50 से अधिक लोगों से पूछताछ

इसके बाद पुलिस ने सुरेंद्र को गंभीर हालत में जेएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया था। इधर, पुलिस ने 50 से अधिक लोगों से पूछताछ की। कई सीसीटीवी कैमरे खंगाले। कोई सुराग न मिलने पर पुलिस अब घटना के पीछे की वजह को रोडरेज मान रही है। गांधीपार्क इंस्पेक्टर वंशीधर पांडेय ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन किया जा रहा है।

Edited By: Sandeep Kumar Saxena