अलीगढ़ जेएनएन [सुरजीत पुंढीर] :  एशियन विकास बैंक की सहायता से जिले के गांव नानऊ से दादों तक कराए जा रहे सड़क निर्माण में बड़ा घोटाला हुआ है। सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों को हटवाने की बजाय मुआवजा बांट दिया गया। 30 किमी लंबी सड़क में 268 लोगों को करीब ढाई करोड़ रुपये मुआवजे में दिए गए। 187 लोगों को तो छर्रा कस्बा में ही डेढ़ करोड़ से अधिक की धनराशि दी गई। इसके बाद भी कुछ लोगों ने दुकान व मकान नहीं तोड़े। सड़क पूरी नहीं बन पाई है। विश्व बैंक खंड ने खुद ही सर्वे कराया। बिना राजस्व रिपोर्ट के ही मुआवजे फैसले लिए। इस पूरी प्रक्रिया में प्रशासन को अलग रखा, लेकिन अब अनियमितताओं की जानकारी होने पर जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने अतरौली के एसडीएम पंकज कुमार को जांच के आदेश दिए हैं

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महज 13 मीटर पर ही निर्माण कार्य

2017 में स्वीकृति : दादों-नानऊ मार्ग कई सालों से बदहाल था। इसके निर्माण की 2017 में एशियन विकास बैंक ने जिम्मेदारी ली और 104 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। निर्माण की जिम्मेदारी पीएनसी इंफ्राटेक कंपनी को दी गई। मॉनिटङ्क्षरग का काम विश्व बैंक खंड को दिया गया।10 मीटर पक्की सड़क :मार्ग पर दो साल में 95 फीसद से ज्यादा निर्माण हो चुका है। इसमें भारी अनियमिताएं बरती गई हैं। जानकारों की मानें तो कागजों में यह 21 मीटर चौड़ी सड़क है, लेकिन, विश्व बैंक खंड महज 13 मीटर पर ही निर्माण कार्य करा रहा है। इसमें 10 मीटर सड़क पक्की है। जबकि, डेढ़-डेढ़ फीट का दोनों ओर नाला है। सड़क निर्माण के बाद भी आठ मीटर क्षेत्र खाली रह जाएगा। 

मुआवजा लेकर भी लोग जमीन खाली नहीं कर रहे

250 मीटर से ज्यादा निर्माण अधूरा : सड़क किनारे अवैध रूप से बसे सभी लोगों को मुआवजा दिया गया है। ताकि सरकारी जमीन से हट जाएं। मुआवजा लेकर भी लोग जमीन खाली नहीं कर रहे। छर्रा में निर्माण कार्य रुक गया है। करीब 250 मीटर से ज्यादा सड़क अधूरी पड़ी है। डेढ़ किलोमीटर दायरे में नाला निर्माण अधूरा है। देश में बदनामी का डर एशियन विकास बैंक की सहायता से जिले में पहली बार सड़क निर्माण कराया जा रहा है। अफसरों को डर है कि सड़क निर्माण पूरा नहीं हुआ तो भविष्य में बैंक सहायता करने से बचेगी। अफसरों की बदनामी होगी। 

निर्माण पूरा ना होने पर होगी  देश में जिले की बदनामी 

विश्व बैंक खंड अधिशासी अभियंता, के मानिक चंद्र, बोले हमारा काम मॉनिटङ्क्षरग करना था। एशियन विकास बैंक के नियमों से आर्थिक सहायता दी गई। हमारी प्राथमिकता निर्माण कार्य पूरा करना है। निर्माण नहीं हुआ तो जिले की बदनामी पूरे देश में होगी। वहीं एसडीएम अतरौली के पंकज कुमार, ने कहा कुछ लोगों ने शिकायत की थी कि सरकारी जमीन का भी मुआवजा बांटा गया है। इसकी जांच कराई जा रही है। विवादित स्थिति में काम रुकवा दिया है। प्रशासन निर्माण कार्य में पूरा सहयोग करेगा। 

मुआवजा वितरण का काम विश्व बैंक खंड के अफसरों का था

पीएनसी के  प्रोजेक्ट मैनेजर,बी चंद्र पटेल, ने कहा नवंबर में संस्था को काम पूरा करना था। विवाद के चलते 250 मीटर निर्माण फंस गया है। इसके लिए विश्व बैंक खंड के अफसरों को जवाब भी दिया है। मुआवजा वितरण का काम विश्व बैंक खंड के अफसरों का था। सरकारी जमीन खाली होगी, तभी नाला बन सकेगा। 

Posted By: Sandeep Saxena

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