अलीगढ़ जेएनएन। एएमयू में खड़े फाइटर प्लेन (मिग-23) को किसी शरारती तत्वों ने बेचने के लिए ओएलएक्स पर डाल दिया। जिसकी कीमत 9 करोड़ 99 लाख 99 हजार 999 रुपए रखी है। इंतजामिया ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई है। कहा एएमयू ने इसे ओएलएक्स पर नहीं डाला है। किसी ने शरारती की हरकत है। इसकी जांच कराई जा रही है। हालांकि इसे अब हटा दिया गया है।

2009 को भारतीय वायुसेना ने तोहफे में एएमयू प्रशासन को मिग-23 बीएन दिया था। यूनिवर्सिटी के जाकिर हुसैन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के तत्कालीन प्रिंसिपल प्रो. मुस्लिम ताज मुहम्मद ने इसे प्राप्त किया था। छह मार्च 2009 को विमान ने आखिरी उड़ान भरी थी। 30 साल तक ये वायुसेना के बेड़े में शामिल रहा। बाद में इसे कुछ पुर्जे निकाल कर वायुसेना ने एएमयू कैंपस में इसे रखवा दिया। सोमवार को यह विमान उस समय चर्चा में आया जब लोगों ने इसे ओएलएक्स पर बिक्री के लिए देखा। सूत्रों की मानें तो मिग की तस्वीर को ओएलक्स पर डालने वाले की लोकेशन मेडिकल रोड की आ रही है। इससे साफ होता है कि ये हरकत करने वाला यूनिवर्सिटी के बारे में बखूबी जानता है।

आरोपित पर होगी कार्रवाई

प्रॉक्टर प्रो. एम वसीम अली का कहना है कि किसी शरारती तत्व की हरकत है। यूनिवर्सिटी की ओर से ऐसा नहीं किया गया है। इसकी जांच कराई जा रही है। जो भी आरोपित होगा कार्रवाई की जाएगी।

 

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