अलीगढ़, जेएनएन । शेखाझील पक्षी विहार का सुंदरीकरण कार्य पूर्ण होने के बाद अब यहां खास सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं, ताकि पर्यटकों को लुभाया जा सके। इसके लिए वन विभाग ने रेस्टोरेंट व नेचर इंटरप्रेशन सेंटर बनाने का योजना तैयार की है। वहीं, आवास विकास परिषद को प्रकाश व्यवस्था के लिए दो सोलर संयंत्र व इंटरलाकिंग का टेंडर भी छोड़ गया है। सर्दियों से पूर्व ही यह कार्य पूर्ण करने की तैयारी है।

प्रवासी परिंदों की जन्नत

अलीगढ़ से 17 किलोमीटर दूर पनैठी-जलाली मार्ग स्थित शेखा झील 1852 में तब अस्तित्व में आई जब यहां पर अपर गंग नगर का निर्माण हुआ। 1977 में महान पक्षी विज्ञानी डा. सालिम अली एएमयू में आए तो इस झील की पहचान कराई। साइबेरियन देशों में ठंड बढ़ते ही (अक्टूबर माह) वहां से हजारों परिंदें यहां प्रवास के लिए आते हैं, जो फरवरी तक यह रुकते हैं। इसी खासियत के चलते सरकार ने पहले इसे राष्ट्रीय वेटलेंड का दर्जा दिया और फिर फरवरी 2016 में पक्षी विहार घोषित किया। दो साल पूर्व रामसर साइट में शामिल की गई। प्रवासी परिंदों के लिए यह झील जन्नत से कम नहीं है। 

सुंदरीकरण का कार्य

पक्षी विहार घोषित किए जाने के बाद शासन ने आवास विकास परिषद को कार्यदायी संस्था नियुक्त किया है। अब तक करीब चार करोड़ रुपये की लागत से झील का सुंदरीकरण पर खर्च हो चुके हैं। मुख्य गेट के अलाव ग्रीन बेल्ट व पर्यटकों के लिए नेचर ट्रिल (पैदल मार्ग) का निर्माण किया गया है। पर्यटकों के बैठने की व्यवस्था की गई। एक प्रशासनिक हाल बनाया गया है। ग्रीन बेल्ट, वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी प्वाइंट, डिस्प्ले बोर्ड, पेयजल आदि की व्यवस्था की गई।

सुविधाओं से बढ़ेगी पर्यटकों की संख्या

जिला वन अधिकारी दिवाकर कुमार वशिष्ठ ने बताया कि शेखाझील पर आने वाले पर्यटकों के लिए यहां कोई कैंटीन की कमी है। कैंटीन होगी तो पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। वहीं, इंटरप्रेशन सेंटर बनने से पर्यटक झील में पक्षियों की उछल-कूद को पास से देख सकेंगे।इसी तरह हाइड्स भी बनेंगे, जहां से लोग छुपकर फोटो ले सकेंगे। इसमें विभाग व टूरिस्ट के लिए अलग-अलग हाइट्स होंगे। झील को रमणीय बनाने के लिए हर प्रयास किेए जा रहे हैं।

Edited By: Anil Kushwaha