अलीगढ़ [जेएनएन]: एएमयू के धरने में जेएनयू छात्र शरजील ईमाम के विवादित बयान का वीडियो वायरल होने के बाद देश में बवाल मचा हुआ है। वीडियो 16 जनवरी का है, जिसमें शरजील ने हिंदुस्तान को असम से अलग करने की बात कही है।  खुद छात्र ने अपने फेसबुक अकाउंट पर उसे टैग कर रखा है। ट्विटर पर भी कई लोगों ने इस बयान को ट्वीट किया है। पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लेकर छात्र के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा कायम कर लिया है। साथ ही आरोपित छात्र की गिरफ्तारी के लिए एक टीम को दिल्ली रवाना कर दिया गया है। इस आंदोलन में अलीगढ़ में राष्ट्रद्रोह का यह पहला मुकदमा दर्ज हुआ है।

जेएनयू में पीएचडी का छात्र है सर्जिल

एसएसपी आकाश कुलहरि ने शनिवार को अपने आवास पर मीडिया को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले दो दिन से सोशल मीडिया, फेसबुक, वाट्सएप पर एक वीडियो लगातार ट्रेंड हो रहा है। वीडियो जेएनयू से पीएचडी कर चुके छात्र सर्जिल इमाम का है जो करीब 1:18 मिनट का है। पहले इस वायरल हुए वीडियो को शाहीन बाग, दिल्ली का माना जा रहा था। इस वीडियो का स्वत: संज्ञान लेकर पुलिस ने इसकी सच्चाई की जानकारी ली तो पुष्टि हुई कि यह बयान एएमयू में 16 जनवरी को दिया गया था। खुफिया विभाग व एएमयू प्रशासन ने भी सर्जिल इमाम के इस तरह के बयान की पुष्टि की है।

छात्र ने सोशल मीडिया पर खुद की पोस्ट

खुद सर्जिल इमाम ने इस बयान की वीडियो फेसबुक पर टैग करने के साथ ही सोशल मीडिया पर उसे वायरल किया है। वीडियो में छात्र असम को लेकर बयान देते नजर आ रहे हैं। ट्विटर पर भी वीडियो को शेयर किया गया है। वीडियो में दिए गए बयान को भड़काऊ व राष्ट्र विरोधी मानते हुए इंस्पेक्टर सिविल लाइन अमित कुमार की ओर से थाने में राष्ट्रद्रोह व भड़काऊ भाषण देने के मामले में धारा 124 ए, 153 ए, 153 बी, 505 (2) के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।

गिरफ्तारी के लिए टीम दिल्ली रवाना

एसएसपी आकाश कुलहरि ने बताया कि मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही आरोपित छात्र सर्जिल इमाम की गिरफ्तारी के लिए एक टीम गठित कर उसे दिल्ली भेजा गया है। जल्द ही छात्र की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जायेगी।

रोज वीडियोग्राफी कराए एएमयू इंतजामिया

एसएसपी आकाश कुलहरि ने बताया कि एएमयू में चल रहे धरना-प्रदर्शन में हो रही भड़काऊ व देश विरोधी बयानबाजी को लेकर एहतियातन एएमयू इंतजामिया को पत्र लिखा गया है। इंतजामिया से कहा गया है कि वे छात्रों के चल रहे धरने व मार्च की नियमित वीडियोग्राफी करवाएं, ताकि इस तरह के गैर जिम्मेदारना बयानबाजी करने वालों को चिन्हित करने के साथ उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई भी की जा सके।

वीडियो में छात्र ने कहा यह सब

छात्र सर्जिल इमाम वायरल वीडियो में कहता है कि वक्त ये है कि हम गैरमुस्लिमों को बोलें कि हमदर्द हो तो हमारी शर्तों पर आकर खड़े हों। अगर हमारी शर्तों पर नहीं खरे उतर सकते हो हमदर्द नहीं होंगे। दूसरा मैंने बिहार में देखा। बिहार में बहुत सारी रैलियां कन्हैया वाली रैली देखिये। पांच लाख लोग थे उसमें मसला बस इतना है कि अगर पांच लाख लोग हमारे पास हैं ऑर्गनाइज्ड () तो हम असम से हिंदुस्तान को हमेशा के लिए अलग कर सकते हैं। स्थायी तौर पर नहीं तो एक-दो महीने के लिए असम को हिंदुस्तान से अलग कर ही सकते हैं।

पटरियों पर डालो मलबा

मतलब पटरियों पर इतना मलबा डालो कि उनको हटाने में एक महीना लगे। जाना हो तो जाएं वायुसेना से। असम को काटना हमारी जिम्मेदारी है। असम और हिंदुस्तान कट के अलग हो जाएं तभी ये हमारी बात सुनेंगे। असम में जो मुसलमानों का हाल है, आपको पता है? सीएए लागू हो चुका है वहां। डिटेंशन कैंप में लोगों को डाला जा रहा है। वहां तो खैर कत्लेआम चल रहा है। छह-आठ महीनों में पता चलेगा कि वहां सारे बंगालियों को मार दिया गया। हिंदु हो या मुसलमान। अगर हमें असम की मदद करनी है तो असम का रास्ता बंद करना होगा फौज के लिए। फौज के लिए, और जितने भी सप्लाई जा रहे है, बंद करो। बंद कर सकते हैं। इलाका मुसलमानों का है। कन्हैया जैसे नेता क्या करेंगे। जाकर इंकलाब के नारे लगवाएंगे। फोटो खिंचवाएंगे और चले आएंगे। क्या होगा आवाम का।? उससे एक भी प्रोडक्टिव चीज नहीं निकली आज तक।

आवाम अगर गुस्से में हैं तो उस गुस्से के प्रोडक्टिव को इस्तेमान करना। वो जिम्मेदारी है सियायतदान की, स्कॉलर की। सेंसेटाइजेशन का मामला है वो हमारे कंट्रोल में नहीं है। वो उनके कंट्रोल में है, जो हिंदू नेशन की पूजा करते है। चाहें वो लेफ्ट हो चाहें कांग्र्रेस हो। वो उन्हीं के कंट्रोल में है। हमारे कंट्रोल में यूं आएगा कि मुस्लिमों को संगठित करें।

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