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अलीगढ़ (जेएनएन)। जीएसटी का रिटर्न दाखिल न करने वाले कारोबारियों को लेकर वाणिज्यकर विभाग सख्ती अपना रहा है। एडिश्नल कमिश्नर ग्रेड वन वीएन सिन्हा ने लगातार छह माह तक रिटर्न दाखिल न करने वाले कारोबारियों को चिह्नित करने के निर्देश जिले के सभी 12 सेक्टर के डिप्टी कमिश्नरों को दिए। डिप्टी कमिश्नरों ने ऐसे कारोबारियों को नोटिस दिए। नोटिस को नजरअंदाज करने वाली 500 फर्मों का पंजीकरण रद कर दिया गया है। 1500 अभी कतार में हैं, उन्हें भी नोटिस दिया गया है।

21 हजार फर्मों का पंजीयन

राजस्व वसूली को लेकर अफसर फिक्रमंद हैं। जिले के 12 सेक्टरों में 21 हजार फर्मों का पंजीकरण था। जीएसटी रिटर्न दाखिल करने के लिए डिप्टी कमिश्नर अपने वाणिज्यकर अधिकारी व अमीनों के साथ मैदान में उतर चुके हैं। रिटर्न दाखिल न करने वाले उद्यमियों व व्यापारियों को नोटिस भेज रहे हैं। जवाब दाखिल न करने वालों का पंजीकरण रद किया जा रहा है।

ठेकेदारों ने बढ़ा दी संख्या

कर अधिवक्ता मुकेश शर्मा ने कहा कि सरकारी कामकाज व टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने के लिए जीएसटी में फर्म का पंजीकरण कराना अनिवार्य है। ठेकेदार कम रेट व बढ़ाने वाले रेट के लिए सगे-संबंधियों के नाम से फर्मों का पंजीकरण करा लेते हैं। काम न मिलने की दिशा में रिटर्न दाखिल नहीं करते। बड़ी संख्या में ऐसी फर्म भी हैं।

एसआइबी की रहती है आवागमन पर नजर

वाणिज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआइबी) भी फर्म संचालकों की निगरानी करती है। हर माह सेक्टर के डिप्टी कमिश्नर अपने सेक्टर की ऐसी सूची जारी करते हैं, जिन फर्मों का वास्तव में संचालन होता है, मगर जानबूझकर रिटर्न दाखिल नहीं किया जाता। माल के आवागमन की लोकेशन मिलने के बाद सर्वे व छापे की कार्रवाई की जाती है।

कारोबारी हर माह दाखिल करें रिटर्न

वाणिज्यकर विभाग के एडिशनल कमिश्नर वीएन सिन्हा का कहना है कि उद्यमी व कारोबारी हर माह अपना रिटर्न दाखिल करें। रिटर्न दाखिल न करने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। हर सेक्टर में 60 से 70 फर्मों के पंजीकरण रद किए गए हैं। कुछ चिह्नित भी की गई हैं।

Posted By: Sandeep Saxena

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