जागरण संवाददाता, अलीगढ़ : शहर में नालों की सफाई लिए रविवार को चले वृहद अभियान को सफाई कर्मचारियों ने ही ध्वस्त कर दिया। 21 नालों में से आधे भी साफ नहीं हो पाए। जिन नालों की सफाई नहीं हुई है, उसमें नौरंगीलाल इंटर कॉलेज व स्टेशन रोड नाला भी शामिल है। नगर निगम ने 80 फीसद नालों की सफाई होने का दावा किया है। छुंट्टी के दिन काम कराने व ठेका कर्मचारियों को आजीविका मिशन से जोड़ने पर सफाई कर्मचारियों का गुस्सा फूटा। कर्मचारी नेताओं से विरोध जताते हुए स्वच्छता निरीक्षक रामबाबू चौधरी व आरपी यादव के साथ मारपीट कर दी। रामबाबू ने भागकर जान बचाई और थाने पहुंच गया। मुख्य कर अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा के खिलाफ नारेबाजी। मदार गेट पर जाम लगा दिया, जिसे पुलिस ने खुलवाया। कई स्थानों पर नोडल अधिकारी और सेनेटरी इंस्पेक्टर को दौड़ा दिया गया। सफाई कर्मचारी नेताओं ने अभियान को असफल बताया, जबकि नगर निगम ने सफल बताया है। नगर आयुक्त ने कहा कि सफाई में बाधा पहुंचाने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। नगर सफाई मजदूर संघ ने नगर निगम अफसरों के खिलाफ एसएसपी को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। संघर्ष समिति का गठन किया है।

सातों वार्डो में तीन-तीन

रविवार को नगर निगम ने शहर के 21 नालों की सफाई के लिए अभियान चलाया। नोडल अधिकारी मिलाकर 25 अधिकारी व 750 सफाई कर्मचारी लगाए गए। 600 कर्मचारियों के साथ अभियान शुरू किया गया। नगर आयुक्त सत्य प्रकाश पटेल ने सुबह सात बजे पान दरीबा पर अभियान की शुरुआत की। कहा, शहर में पहली बार एक ही दिन में 21 नालों की तलीझाड़ सफ ाई का रिकार्ड होगा। अधीनस्थों के साथ चिह्नित नालों का निरीक्षण किया। अभियान को चलाने का निर्णय लिया गया। दूसरे चरण में नगर निगम शहर के पोखर-तालाबों की सफ ाई के लिए अभियान चलाएगा।

विरोध शुरू

काम शुरू होने के बाद नगर सफाई मजदूर संघ के अध्यक्ष लालाराम नंदा, महामंत्री सुनील कुमार टुंडा, पूर्व उपाध्यक्ष प्रदीप भंडारी, पूर्व मंत्री राधे धूरी के नेतृत्व में पहुंचे कर्मचारियों ने जगह-जगह काम रुकवा दिया।

पला चौक पर अभियान कर निर्धारण अधिकारी आरपी सिंह व स्वच्छता निरीक्षक रामबाबू चौधरी के नेतृत्व में चलाया जा रहा था। कर्मचारी नेताओं ने वहां पहुंचकर कहा कि रविवार छुंट्टी का दिन है। आरोप लगाया है कि महिलाओं को नाले में घुसाया जा रहा है? स्थायी कर्मचारियों का रविवार को अवकाश रहता है। कोई वीआइपी ड्यूटी भी नहीं है। हम सफाई नहीं करेंगे। विवाद होने पर कर्मचारी नेताओं ने रामबाबू चौधरी से मारपीट कर दी। वे वहां से भाग गए और थाने पहुंच गए। कर निर्धारण अधिकारी आरपी सिंह से भी अभद्रता की गई। आगरा रोड पर सफाई में लगे स्वच्छता निरीक्षक आरपी यादव के काम कराने का विरोध किया। उनसे भी मारपीट करने व सुपरवाइजर का रजिस्टर फाड़ने का आरोप है। मदार गेट के पास कर्मचारियों ने जाम लगा दिया। अप्सरा टॉकीज के पास मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव कुमार सिन्हा के नेतृत्व में काम चल रहा था। यहां पहुंचे कर्मचारी नेताओं ने उनके खिलाफ भी नारेबाजी की और काम रुकवा दिया। इस तरह कई स्थानों पर काम रुकवाने की जानकारी मिली।

कुछ पक्ष में कुछ विपक्ष में

अभियान में आधे कर्मचारी के पक्ष में और आधे विपक्ष में नजर आए। विरोध करने वाले कर्मचारी बारहद्वारी कार्यालय पहुंचे। यहां नगर आयुक्त पर मनमानी का आरोप लगाया। छुंट्टी के दिन काम कराने, ई टेंड¨रग प्रक्रिया का विरोध किया और नारेबाजी की। चेतावनी दी कि भविष्य में नाला सफाई कराई तो विरोध किया जाएगा। दो जुलाई को नगर आयुक्त का घेराव किया जाएगा। 72 घंटे में मांग नहीं मानी तो सफाई ठप कर दी जाएगी। उन्होंने सरकार से नगर आयुक्त के स्थानांतरण की मांग की। कर्मचारियों ने संघर्ष समिति का गठन किया है। संघ ने नगर निगम के सेनेटरी इंस्पेक्टर व अन्य पर जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने व झूठे केस में फंसाने का आरोप लगाया।

उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ की बैठक आगरा रोड कार्यालय पर हुई। जिलाध्यक्ष बिल्लू चौहान ने छुंट्टी के दिन काम करने का विरोध किया। अफसरों पर मनमानी का आरोप लगाया। सोमवार को अगली रणनीति बनाने की बात कही। अभियान की तारीफ

मंडलायुक्त अजयदीप सिंह ने भी अभियान को देखा। कहा, प्रयासों को सफ लता तभी मिलेगी, जब सब सहयोग करें। सामाजिक संस्था आजाद फ ाउंडेशन की शाजिया सिद्दीकी महिला ग्रामोद्योग वर्षा गौड़, अर्थ सोसायटी से रूही खान, डेजीनर ग्रुप से दिशा झा पीएलबी निधि शर्मा, सईदा खातून, सोच सामाजिक संस्था से डॉ. सलीम, आज़म, उपेंद्र मिश्रा, किरन शर्मा आदि ने अभियान की तारीफ की और जारी रखने का अनुरोध किया। सेंटर प्वॉइंट व्यापार मंडल के अध्यक्ष विवेक बगाई सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी सराहना की।

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अंबिकापुर की तर्ज पर करेंगे

शहर को साफ : नगर आयुक्त

जागरण संवाददाता, अलीगढ़ : नगर आयुक्त सत्यप्रकाश पटेल ने कहा कि शहर को कूड़ा रहित बनाने के लिए छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर का मॉडल लागू किया जाएगा। इसके तहत सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए कूड़ा बीनने वालों को शामिल कर कूड़ा अलग कर निस्तारण कराया जाएगा। यह काम ग्रुप बनाकर कराया जाएगा। ये लोग घर और दुकानों से कूड़ा उठाएंगे। उसे अलग कर उससे होने वाली आय से उनका खर्च चलाया जाएगा। अनुबंध के तहत सभी सातों स्वच्छता वार्ड में एटूजेड से सफाई काम कराया जाएगा। नगर निगम के पास दो वार्डो में पांच वार्डो की तुलना में डेढ़ गुना अधिक खर्च हो रहा है। ठेका के सफाई कर्मचारियों को सरकार की दीनदयाल उपाध्याय शहरी आजीविका मिशन के तहत पंजीकरण कराकर उनको ईपीएफ, बीमा व ईएसआइ के लाभ दिए जाएंगे। कर्मचारियों को कोई नुकसान नहीं है। सफाई में अतिक्रमण की बाधा को दूर किया जाएगा। पॉलीथीन के खिलाफ भी अभियान चलाएंगे।

मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि शहर को साफ करने के लिए जरूरी निर्णय लिए जा रहे हैं। किसी को विरोध नहीं करना चाहिए। पहले बिना विधिक संस्था के ठेके पर सफाई हो रही थी। एक जुलाई से नियोजित किया गया है। कुछ सफाई कर्मचारी निजी स्वार्थ में पुरानी व्यवस्था चाहते हैं। किसी कर्मचारी को हटाया या निकाला नहीं जा रहा है। आजीविका मिशन से जुड़कर कर्मचारियों को लाभ होगा।

Posted By: Jagran

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