अलीगढ़, जागरण संवाददाता। रामघाट रोड का नाम रामघाट कल्याण मार्ग भले ही रख दिया गया हो मगर उसके फोरलेन का काम अभी नहीं शुरू होने वाला है। यह मार्ग भी बदहाल है। इससे कल्याण सिंह के नाम से अधिकारी कहीं भी बोर्ड आदि नहीं लगा रहे हैं, जिससे लोगों की जुबान पर यह मार्ग चढ़ सके। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि करीब दो वर्ष का समय इस मार्ग के बनने में लग जाएगा। उसके बाद भी रामघाट कल्याण मार्ग रखा जाएगा।

यह है मामला

पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन के बाद प्रदेश में पांच सड़कों का नाम कल्याण सिंह के नाम से रखे जाने की घोषणा की गई थी। इसमें अलीगढ़ का भी रामघाट रोड था। इसलिए पीडब्ल्यूडी ने रामघाट रोड का नाम कल्याण मार्ग रख दिया था। इसपर लोगों का विरोध हो गया। तमाम रामभक्तों ने नाराजगी जता दी। उनका कहना था कि रामघाट रोड भगवान राम के नाम से है। ऐसे में प्रभु के नाम को हटाकर कल्याण मार्ग रखना ठीक नहीं है। तमाम लोगों ने दलील भी दी कि कल्याण सिंह भगवान राम के परम भक्त थे, इसलिए कल्याण मार्ग में क्या दिक्कत है। बहरहाल, बाद में कल्याण मार्ग को बदलकर रामघाट कल्याण मार्ग कर दिया गया। प्रभु राम का नाम पहले आने पर लोग खुश हो गए। इसलिए रामघाट कल्याण मार्ग पर जनता ने भी मोहर दे दी। पीडब्ल्यूडी ने भी घोषित कर दिया कि रामघाट कल्याण मार्ग ही होगा। साथ ही यह भी घोषित कर दिया गया है मार्ग को फोरलेन किया जाएगा। इसके दोनों ओर हरे पेड़ लगाए जाएंगे। इसकी सुंदर बनाया जाएगा। मगर, दो महीने बीत जाने के बाद भी रामघाट रोड के फोरलेन का काम नहीं शुरू हो पाया है।

चुनाव के बाद काम की शुरूआत

हरदुआगंज से लेकर रामघाट रोड तक मार्ग सिर्फ सात मीटर चौड़ा है, उसे 14 मीटर किया जाना है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण का काम होगा। उसकी भी शुरुआत नहीं हो पाई है। इससे साफ पता चलता है कि अभी तक मार्ग को फोरलेन नहीं किया जाएगा। विधानसभा चुनाव के बाद ही काम की शुरुआत होगी। ऐसे में इस मार्ग को कैसे पहचान मिलेगी यह बड़ा सवाल है। भाजपा जिलाध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल सिंह का कहना है कि मार्ग को समय से पूरा कराया जाएगा। वह पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से बात करेंगे। बाबूजी अतरौली ही नहीं पूरे देश की शान थे, उनके नाम से मार्ग बनेगा तो इससे गर्व की और क्या बात हो सकती है?