जागरण संवाददाता, अलीगढ़: राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय का निर्माण वास्तुकला की नागर शैली में किया जाएगा। शिलान्यास के बाद उसके निर्माण की तैयारिया तेज हो गई हैं। जनवरी 2023 तक विवि का निर्माण पूरा होना है। विवि में सबसे पहले प्रशासनिक भवन, कुलपति लाज, हास्टल आदि का निर्माण होगा। सीएम ने भी विवि के भवन का भव्य निर्माण करने के निर्देश दिए हैं।

अलीगढ़ पलवल मार्ग पर लोधा के मूंसेपुर गाव के पास बन रहे राजा महेंद्र प्रताप विश्वविद्यालय के भवन का निर्माण हिसार की ईश्वर सिंह एसोसिएट कंपनी कर रही है। सबसे पहले फेस-वन पर काम शुरू होगा। इसमें प्रशासनिक भवन का निर्माण मुख्य है। लाइब्रेरी के अलावा छात्र-छात्राओं के अलग-अलग दो हास्टल भी बनाए जाएंगे।

विवि भवन निर्माण नागर शैली में होना है। इसमें भवन का मुख्य द्वार महल की तरह दिखाई देगा। अलग-अलग भवनों के द्वार भी प्राचीन इमारतों की तरह दिखाई देंगे। विवि के भवन की डिजाइन भी इसी तरह तैयार की गई है। इसे शिलान्यास करने आए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी देखा था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि विवि इतना भव्य बनना चाहिए कि जिसे दूर से लोग देखने भी आएं।

कर्मचारियों के लिए टाइप-तीन व टाइप-चार के आवास का भी निर्माण होना है। पुलिस चौकी के अलावा चहारदीवारी का निर्माण भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है। अलीगढ़-पलवल मार्ग से विवि के लिए जाने वाला मुख्य मार्ग को फोरलेन बनाया जाएगा।

उधर, विवि के निर्माण को लेकर 17 सितंबर को लखनऊ में बैठक है। लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता एमएच सिद्दीकी ने बताया कि बैठक में आगे का निर्णय लिया जाएगा। हमें जनवरी 2023 तक विश्वविद्यालय बनाकर देना है। 92 एकड़ में बन रहा विवि

विश्वविद्यालय के लिए जिला प्रशासन ने 92 एकड़ जमीन अधिगृहित की है। सरकार ने निर्माण के लिए 101 करोड़ की धनराशि जारी कर दी है। 22 जनवरी 2019 को विवि की अधिसूचना जारी हुई थी। कुलसचिव और वित्त अधिकारी की नियुक्ति हो चुकी है। विवि के क्षेत्र में अलीगढ़ मंडल के 395 महाविद्यालय शामिल किए गए हैं।

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