जागरण संवाददाता, अलीगढ़ : रंगों के पर्व होली को लेकर बाजार तैयार है। कैन व एयर फोर्स वाली पिचकारी बच्चों को लुभाएगी। थ्री डी पिचकारी से रंग बरसेगा। थोक बाजार में स्टॉक तैयार है। फड़ लगने शुरू हो गए हैं। बुधवार को रेलवे रोड, फूल चौराहा, सब्जी मंडी चौक, कनवरीगंज बाजारों में भीड़ होगी। रंग, गुलाल, पिचकारी व अन्य होली के सामान की खरीदारी के लिए ग्रामीण अंचल से खरीदार आ सकते हैं।

असली-नकली की करें पहचान

बाजार में नकली रंग भी होते हैं। इनकी पहचान भी जरूरी है। घटिया रंग से त्वचा भी खराब होती है। बाजार में रूह का हवाला देकर नकली रंग ग्राहक को थमा दिए जाते हैं। आकर्षित पैकिंग पर न जाएं। रूह की खास पहचान डिब्बी खोलते ही श्वांस के साथ अंदर चला जाता है। ये रिटेल बाजार में 20 रुपये का 10 ग्राम है। असली गुलाल हाथ पर रखते ही उड़ जाएगा, जबकि भारी गुलाल जिसे चाइना का कहकर बाजार में बेचा जाता है, ये 10 रुपये से 120 रुपये किलो तक बिक रहा है। इसे रंगोली गुलाल भी कहते हैं। हर्बल गुलाल की शुरुआत 50 से 200 रुपये तक है। मोदी, डोरेमोन आदि नाम की पिचकारी भी बाजार में हैं।

होली के साथ दीवाली का अहसास: इस बार हाथरस के गुलाल निर्माताओं ने गुलाल पटाखा बाजार में पहली बार उतारा है। इस बार हुरियारे होली के साथ दीवाली का भी अहसास करेंगे।

जीएसटी ने कारोबारियों के चेहरे के उड़ाए रंग : होली से जुड़े उत्पादों पर जीएसटी लगने से व्यापारियों के चेहरों के रंग उड़ गए हैं। इसके चलते 20 फीसद तक की महंगाई है। इस नई कर व्यवस्था से 10 करोड़ का कारोबार प्रभावित है। एक मार्च को होलिका दहन है। कारोबारियों के लिए आठ दिन बिक्री के बचे हैं। थोक दुकानों पर पिछले साल की अपेक्षा 70 फीसद भी फुटकर विक्रेता नहीं पहुंच रहे। पहले रंग व गुलाल पर पांच फीसद वैट था। अब 18 फीसद जीएसटी लगा है। प्लास्टिक की पिचकारी पर 12 फीसद जीएसटी है। पहले दो फीसद सेंट्रल एक्साइज लगता था। अगर लोहे की पंप है, तो 18 फीसद वसूला जाएगा। सेंट स्प्रे पर 28 फीसद जीएसटी है।

कर से चीन बाजार पस्त

देसी बाजार में जीएसटी का असर है, तो चीन से आने वाले होली के उत्पादन पर 52.5 फीसद कर वसूला जा रहा है, जिसमें 36 फीसद ड्यूटी चार्ज वसूला जा रहा है। बाकी का डंपिंग चार्ज है। इसके चलते 20 से 25 फीसद तक चीन के गुलाल, पिस्टल पिचकारी महंगी हो गई हैं।

इनका कहना है

बाजार पर जीएसटी का असर दिख रहा है। फुटकर व्यापारी जोखिम उठाना नहीं चाह रहे। पिछली साल 70 फीसद माल बिक गया था। इसबार ये स्टॉक में है।

- सुनील कुमार वाष्र्णेय, थोक कारोबारी

अभी तक अपेक्षित दुकानदार नहीं आए। आने वाले दिनों में बाजार अपनी रफ्तार पकड़ सकता है। बाजार में नई कर व्यवस्था का असर है।

- केएल गुप्ता, थोक कारोबारी

बाजार से ग्राहक अभी नदारद हैं। होली पर्व पर प्रयोग किए जाने वाले उत्पादन पिचकारी, रंग, अबीर व गुलाल पर इस बार 20 फीसद तक महंगाई है।

- संजय कुमार, फुटकर व्यापारी

Posted By: Jagran

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