हाथरस, जेएनएन।  मंडी समिति में क्रय केंद्रों को मुख्य द्वार के समीप स्थापित कर दिया गया है। धान लाने वाले किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए मंडी प्रशासन ने कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी है। उनके लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिले में धान की खरीद के लिए इस बार 14 केंद्र बनाए गए हैं। इनमें दो केंद्र मंडी समिति में बने हैं। इन केंद्रों को मंडी के पीछे बना दिए जाने से किसानों को काफी दिक्कतें हो रही थीं। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने चेङ्क्षकग के दौरान इन क्रय केंद्रों को दूसरी जगह शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इस पर मंडी प्रशासन ने दोनों क्रय केंद्रों को मंडी में मुख्य द्वार के समीप स्थापित करा दिया है। इनपर तौल के लिए बाट व कांटा के साथ आवश्यक बारदाना भी उपलब्ध कराया गया है। सैनिटाइजर व मास्क की भी व्यवस्था कराई गई है। इसके अलावा किसानों के लिए पेयजल आदि की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

तुरंत रजिस्ट्रेशन

मंडी में तुरंत पंजीकरण के लिए भी किसानों के लिए व्यवस्था कराई जा रही है। क्रय केंद्रों पर धान की खरीद पंजीकृत किसानों से ही की जानी है। क्रय केंद्र पर सामान्य धान का मूल्य 1868 व ए ग्रेड धान का मूल्य 1888 रुपये प्रति कुंटल निर्धारित किया गया है। इस बार 15 सौ मीट्रिक टन धान की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

दूसरे दिन भी खुली बोली 

मंडी समिति में सोमवार को धान की खुली बोली लगाकर बिक्री कराई गई। इसमें मंडी की टीम सुबह ही गल्ला मंडी में पहुंच गई थी। सुबह आठ बजे से यह बोली मंडी के ब्लॉक सी की दुकानों से शुरू की गई। कुछ ढेरों पर बोली लगाते समय आढ़ती व व्यापारियों की टीम से नोक-झोंक भी हुई। मंडी सचिव यशपाल सिंह का कहना है कि  मंडी में क्रय केंद्रों पर किसानों को कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी। फसल का उचित दाम दिलाने के लिए मंडी में धान की खुली बोली किसानों के सामने लगाई जा रही है।

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