अलीगढ़ जेएनएन। लॉकडाउन में मजदूर वर्ग को आर्थिक मदद और राशन उपलब्ध कराने के प्रदेश सरकार के फैसले की खबर पाकर गुरुवार को बड़ी तादाद में महिलाएं सेवा भवन पर जुट गईं। लोगों को सोशल डिस्टेंस की नसीहत दे रहे निगम अफसर महिलाओं की भीड़ देखकर चौंक गए। समझाने पर भी महिलाएं नहीं मानी तो डपट दिया, इससे वे भड़क गईं। पुलिस बुलानी पड़ी। तब जाकर महिलाएं घर लौंटी। अव्यवस्था पर नगर आयुक्त ने सीटीओ को जमकर फटकारा।

नगर निगम अफसरों के उड़े होश

कोरोना वायरस के संक्रमण की आशंका के चलते जनपदों को लॉकडाउन किया गया है। इस दौरान मजदूरी न मिल पाने से परेशान श्रमिक, रिक्शा, ठेला चलाने वालों को प्रदेश सरकार ने 1000 रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। राशन भी उपलब्ध कराया जाएगा। ये मदद पंजीकृत श्रमिकों, ग्राम विकास विभाग में पंजीकृत मनरेगा मजदूरों व नगर निगम में पंजीकृत रिक्शा, ठेला मजदूरों को मिलेगी। नगर निगम ने अपने यहां पंजीकृत 5400 मजदूरों को चिह्नित कर लिया है। इनसे आधार कार्ड, खाता नंबर आदि दस्तावेज मांगे गए हैं। 450 लोगों के कागजात मिल चुके हैं। इसकी जानकारी मिलने पर भमोला, जमालपुर, गांधीनगर क्षेत्र की 70-80 महिलाएं सेवा भवन पहुंच गईं और आर्थिक मदद की मांग करने लगीं। नगर आयुक्त ने उन्हें समझाया कि विभाग स्तर पर पंजीकृत मजदूरों को शामिल किया गया है। महिलाएं नहीं मानी और हंगामा करने लगीं। फिर पुलिस बुलाकर महिलाओं को बाहर किया गया और सेवा भवन का गेट लगा दिया। सहायक नगर आयुक्त राजबहादुर सिंह ने बताया कि भ्रामक सूचना पर महिलाएं पहुंच गई थीं, उन्हें समझा कर लौटा दिया।

लॉकडाउन में कैसे जुट गई भीड़

लॉकडाउन में जब लोगों के साथ खड़ा होने की मनाही है, तब इतनी तादाद में महिलाओं का जुटना सवाल उठा रहा है, जबकि पास में ही पुलिस कंट्रोल रूम है। सीटीओ विनय राय को अधिकारी तलाशते रहे, लेकिन वे मौके पर मौजूद नहीं थे। नगर आयुक्त ने उन्हें बुलाकर नाराजगी जताई।

Posted By: Sandeep Saxena

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