अलीगढ़ [जेएनएन]  सासनीगेट क्षेत्र के पला रोड स्थित  होली चौक पर सोमवार रात बाइक टकराने को लेकर ब्राहमण व प्रजापति पक्ष के लोगों में जमकर लाठी-डंडे चले। दोनों ओर से पथराव-फायङ्क्षरग भी हुई। इसमें गोली लगने से सपा के जिला सचिव पूरनमल प्रजापति के बेटे 28 वर्षीय सचिन प्रजापति की मौत हो गई। संघर्ष में दोनों पक्षों के छह लोगों के अलावा बीच-बचाव करा रहे चौकी इंचार्ज व एक सिपाही भी घायल हो गए। बवाल के बाद कई थानों का फोर्स मौके पर आ गया। तनाव को देखते हुए मौके पर देर रात तक फोर्स तैनात रहा। एसएसपी  आकाश कुलहरि का कहना है कि बाइक टकराने को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ है। इसमें पथराव व फायरिंग हुई है। गोली लगने से सपा नेता के बेटे की मौत हुई है। कई लोग घायल हुए हैं। आरोपितों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।  

बाइक टकराने से हुआ विवाद 

सासनी गेट क्षेत्र के पला रोड स्थित अवतार नगर की गली नं चार में पूरनमल प्रजापति रहते हैं। मंगलवार को पार्टी का नुमाइश में पिछड़ा वर्ग सम्मेलन होना है। इसके कार्ड बांटकर पूरनमल अपने छोटे बेटे नागेंद्र के साथ रात साढ़े आठ बजे बाइक से घर आ रहे थे। आरोप है कि जैसे ही वे मोहल्ले के होली चौक में विजय शर्मा के घर के सामने पहुंचे तभी सामने से आ रहे सचिन उर्फ  पाली नामक युवक की बाइक उनकी बाइक से टकरा गई। इस पर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। फिर गाली-गलौच के साथ ही मारपीट हो गई। कुछ ही देर में दोनों पक्ष के अनेक लोग आमने-सामने आ गए और उनमें पथराव व फायङ्क्षरग होने लगी। इस दौरान पूरनमल के चार बेटों में तीसरे नंबर के सचिन के गले व भाई  देवराज को सिर में गोली जा लगी। जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर सचिन को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पथराव में सपा नेता पूरनमल, उनका बेटा नागेंद्र तथा दूसरे पक्ष के सचिन, योगेश शर्मा व जीतू घायल हुए हैं। घटना से गुस्साए लोगों ने सचिन पक्ष के लोगों की पल्सर बाइक को आग के हवाले कर दिया। सूचना पर पहुंचे पला चौकी इंचार्ज सतीश कुमार व सिपाही कृष्णकांत भी पथराव में घायल हुए हैं। पुलिस ने आरोपित सचिन के भाई व साले को हिरासत में ले लिया। इन पर चौकी ले जाते समय पथराव किया गया। हालात बिगड़ते देख कई थानों का पुलिस फोर्स बुला लिया गया। 

 सपा नेता को चांटा मारने पर बढ़ा था विवाद

 बाइक टकराने को लेकर हुए विवाद ने उस वक्त तूल पकड़ा जब सपा नेता पूरनमल प्रजापति को आरोपित सचिन उर्फ पाली पक्ष ने कहासुनी के बाद चांटा जड़ दिया। इस पर पूरनमल प्रजापित के बेटे नागेंद्र ने फोन कर अपने पक्ष के लोगों को बुला लिया, जिन्होंने आरोपित पक्ष के सचिन व उसके दोनों साथियों को पकड़ लिया और उन्हें पीटना शुरू कर दिया। इस बीच सचिन उर्फ पाली ने फोन कर अपने पक्ष के लोगों को मौके पर बुला लिया। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और उनमें मारपीट होने लगी। फिर पथराव होने लगा। करीब आधा घंटे तक उनमें गुरिल्ला युद्ध जैसा नजारा दिखाई पड़ा। इससे इलाके में खलबली मच गई। 

असहाय बने रहे पुलिस कर्मी 

फायङ्क्षरग की खबर पर पला चौकी से पुलिस कर्मी दौड़ते हुए पहुंचे तो उनके सामने भी पथराव होता रहा। वे काफी देर तक असहाय बने रहे। दो लैपर्ड कर्मी भी मौके पर आ गए। तब उन्होंने आरोपित सचिन के भाई व साले को पकड़ लिया और उन्हें पकड़कर चौकी पर ले जाने लगे। तभी पूरनमल पक्ष ने उन्हें घेर लिया और दोनों आरोपित हमलावरों को मार डालने की कोशिश की। किसी तरह पुलिस कर्मियों ने आरोपित हमलावरों को पकड़कर एक दुकान में शटर डालकर बंद किया और उन्हें बमुश्किल बचाया। गुस्साए लोगों ने यहां भी पथराव किया। 

एक माह पहले हुआ था विवाद 

सपा नेता पूरनमल प्रजापति व सचिन उर्फ पाली पक्ष के ही अमित यादव से करीब एक माह पूर्व विवाद हुआ था। तब कुछ लोगों ने उनके बीच सुलह कराने के प्रयास भी किए थे। सोमवार को एक बार फिर से दोनों पक्ष फिर से आमने-सामने आ गए और विवाद इस बार खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। 

दबंग है अमित पक्ष 

इलाके में चर्चा है कि आरोपित अमित यादव पक्ष काफी दबंग है और पुलिस रिकॉर्ड में अपराधिक गतिविधियों में इस पक्ष का नाम सामने आता रहा है। इलाके में आए दिन टकराव में अमित का नाम सामने आता रहा है। सोमवार रात हुए बवाल सचिन उर्फ पाली के पक्ष में अमित यादव पक्ष भी साथ आ गया। आरोप है कि सचिन उर्फ पाली ने तमंचे से गोली चलाई जो सीधे सचिन की गर्दन में जा लगी। उधर दूसरी गोली सचिन के चाचा देवराज के सिर में जा लगी। 

आर्य समाज का पुरोहित था सचिन 

बवाल में चली गोली में मारे गए सचिन प्रजापति आर्य समाज मंदिर में पुरोहित थे और अविवाहित हैं। वे चार भाइयों में तीसरे नंबर के थे। सचिन से बड़े दीपक व राजेश हैं जबकि नागेंद्र उनका छोटा भाई है। 

हर महीने 10 हजार की चौथ मांगी 

सपा नेता पूरनमल प्रजापति ने तहरीर में कहा है कि होली चौक पर सुमित उपाध्याय उर्फ गोलू, सचिन उपाध्याय उर्फ पाली व अमित उपाध्याय निवासी भगवान नगर ने उन्हें रोका था। तीनों ने कहा कि बहुत नेता बनते हो। इलाके के असली नेता हम हैं, तू हमें हर महीने 10 हजार रुपये देगा। विरोध करने पर उसने अपने साथी बुला लिए और हमला किया। इनमें जितेंद्र कुमार और राहुल को वह पहचानते हैं। बाकियों को नहीं जानते। 

Posted By: Sandeep Saxena

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