जासं, अलीगढ़ : मौत, कब और किस रूप में आ जाए कुछ नहीं पता। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के महानगर चेयरमैन राजेंद्र कोल (55) के साथ ऐसा हुआ। रात में वह पत्नी व बच्चों के साथ बेटे की शादी की तैयारियों में जुटे रहे। मेहमानों की सूची तैयार कर रहे थे। सुबह उनका निधन हो गया। परिवार के लोगों का तो बुरा हाल था ही जिसने भी सुना हैरान रह गया।

कोयला कारोबारी देहलीगेट निवासी राजेंद्र कोल के बड़े बेटे की शहर के सासनीगेट क्षेत्र से शादी तय हुई है। मंगलवार देर रात तक वह शादी की तारीख तय करने और मेहमानों की सूची बनाने में लगे रहे। रात करीब तीन बजे वह सो गए। व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप गंगा ने बताया कि बुधवार सुबह मेहरी ने सुबह साढे नौ बजे करीब राजेंद्र कोल के कमरे में झाडू लगाने के लिए पंखा बंद किया था। पंखा बंद होने पर राजेंद्र जाग गए और पंखा चलाने के लिए बोला। इसके बाद वह सो गए। 10:30 बजे तक वह नहीं जागे, तो स्वजन ने उन्हें जगाया। आवाज देने पर कोई जवाब नहीं मिला तो उन्हें हिलाया। कोई हलचल न होने पर राजेंद्र को वरुण ट्रामा सेंटर ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। राजेंद्र कोल पिछले 20 साल से व्यापारी राजनीति में सक्रिय थे। उनके परिवार में पत्नी पवन रानी कोल, बेटा आकाश कोल, विकास कोल व अभिनाश कोल हैं। व्यापारी नेता का अंतिम संस्कार नुमाइश मैदान स्थित श्मशानघाट में हुआ। मुखाग्नि बड़े बेटे आकाश कोल ने दी। अंतिम संस्कार में सांसद सतीश गौतम, शहर विधायक संजीव राजा, कोल विधायक अनिल पाराशर, एमएलसी डा. मानवेंद्र प्रताप सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता डा. राजीव अग्रवाल, भाजपा महानगर अध्यक्ष डा. विवेक सारस्वत सहित तमाम व्यापारी नेता, चिकित्सक व विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए। राजेंद्र कोल मानव उपकार संस्था के संस्थापक सदस्य भी थे। संस्था के चेयरमैन पंकज धीरज, संस्थापक अध्यक्ष विष्णु कुमार बंटी, रतन वाष्र्णेय, हरे कृष्ण मुरारी, ज्ञानेंद्र चौहान, कमल गुप्ता, ओपी वर्मा,सूबेदार सिंह राघव,गिर्राज शर्मा,जितेंद्र टीडी आदि ने भी शोक जताया है। सपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य विनोद सविता ने आवास पर जाकर दुख जताया।

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