अलीगढ़, जेएनएन। बायोडीजल पंप के नाम पर अलीगढ़ की अतरौली तहसील में बड़े खेल का पर्दाफाश हुआ है। एक एनओसी से ही दो पंप संचालन की तैयारी चल रही थी, लेकिन विभाग की सजगता के चलते पंप शुरू होने से पहले ही इस पूरे खेल का भंडाफोड़ हो गया। अब विभागीय अफसर यह एनओसी वाले कर्मवीर नाम के व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी में हैं। वहीं, तीनों पंप अग्रिम आदेशों तक सील रहेंगी।

यह है मामला

पूर्ति विभाग की टीम ने गुरुवार को अतरौली तहसील में बायोडीजल के तीन पंप पकड़े थे। अनियमिताएं मिलने पर तीनों को सील कर दिया। इनमें दो पंप वाजिदपुर में थे। वहीं, एक कसेर गांव में था। वाजिदपुर में पकड़े दो पंप में से एक निर्माणाधीन था। यह भाजपा के जिला उपाध्यक्ष उमेश राघव के चाचा की जमीन पर स्थापित था। विभाग से इसकी कोई भी एनओसी जारी नहीं हुई थी। इसके साथ ही मौके पर कोई दस्तावेज भी नहीं मिलें। अफसरों ने इस पंप से भाजपा नेता के चचेरे भाई अतुल को मौके से पकड़ा था। अफसरों ने 24 घंटे में इसे पूरे कागजात दिखाने के निर्देश दिए थे। अब शुक्रवार को अतुल ने विभागीय अफसरों के सामने एग्रीमेंट के कागजात पेश किए। यह एग्रीमेंट कर्मवीर के नाम से था। वाजिदपुर का दूसरा पंप भी कर्मवारी के नाम से था। ऐसे में अब विभागीय अफसरों का आशंका है कि इसी एक एनओसी से दोनों पंप संचालन की तैयारी थी। ऐसे में अब विभागीय अफसर कर्मचारी निवासी अहरौली के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में हैं। तीनों की पंप फिलहाल सील हैं। सभी से अलग-अलग खरीद-बिक्री का रिकार्ड मांगा गया है।