अलीगढ़, जेएनएन। कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर प्रशासन पहले से ही तैयारी में जुट गया है। इस बार गांव देहात में सीएचसी व पीएचसी को पहले से तैयार किया जा रहा है। कायाकल्प के तहत इनके मरम्मतीकरण की शुरुआत हो गई है। पहले चरण में 30 लाख के टेंडर जारी हुए हैं। वहीं, निगरानी समितियों को अभी से तैयार किया जा रहा है। युवाओं की टोली बनाई जा रही है। गांव-देहात के लेागों का अधिक से अधिक टीकाकरण के लिए जागरुक किया जा रहा है। प्रशासन का मकसद पहले से ही सभी तैयारी पूरी करने का है।

यह हैंं तैयारी 

कोरोना की दूसरी लहर में ग्रामीण क्षेत्रों में भी वायरस का प्रसार हुआ और तमाम संक्रमित मरीज सामने आए। अब तीसरी लहर की आशंका के चलते गांवों को कोरोना के प्रकोप से बचाने के लिए हर स्तर पर तैयारी शुरू की गई है। जहां सीएचसी और पीएचसी पर संसाधन बढ़ाए जा रहे हैं, वहीं गांवों में रक्षा कवच भी तैयार किया जा रहा। निगरानी समिति के साथ गांव के युवाओं को भी इसमें शामिल कर कोरोना संक्रमण से कैसे बचा जा सकता है, इसे लेकर जागरूक किया जा रहा है। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वयं सहायता समूह की मदद भी ली जा रही है। वहीं, शहरी क्षेत्र के सभी निजी व सरकारी अस्पतालों में भी तैयारी शुरू कर दी गई हैं। अस्पतालों में बच्चा बेड बढ़ाए जा रहे हैं। मलखान सिंह के साथ दीनदयाल में भी बच्चा बेड बढ़ा दिए गए हैं। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि तीसरी लहर को लेकर प्रशासन पहले से ही अलर्ट है। इस बार कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।

आक्सीजन की नहीं होगी कमी

कोरोना की दूसरी लहर में सबसे अधिक किल्लत आक्सीजन को लेकर सामने आई है। ऐसे में प्रशासन ने ीइसकी भी तैयारी कर ली है। दीनदयाल अस्पताल में प्लांट लग चुका है। सीएचसी पर भी नए प्लांट लगाए जा रहे हैं। जुलाई में यह अस्पताल खुद की तैयार की हुई आक्सीजन का ही प्रयोग करेंगे।