अलीगढ़, जागरण संवाददाता। चुनाव ड्यूटी निभाने वाले कार्मिकों के लिए भले ही प्रशिक्षण को अनिवार्य माना जाता हो, लेकिन विधानसभा चुनाव 2022 के लिए संचालित पीठासीन अधिकारी एवं मतदान कार्मिकों के प्रशिक्षण में ऐसा कुछ नहीं दिखाई दे रहा है। शुरुआत के दो दिनों में ही 150 से अधिक कार्मिक गैर हाजिर हैं। हालांकि, प्रशासनिक अफसरों ने अब इन गायब कार्मिकों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। डीएम ने सभी के खिलाफ मुकदमे के आदेश दिए हैं। तीन दिनों का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद यह कार्रवाई होगी।

पीठासीन अधिकारी व मतदान कार्मिक अधिकारियों की अहम भूमिका

डीएम सेल्वा कुमारी जे ने कहा कि मतदान को आयोग की मंशा के अनुरूप संपन्न कराने में सभी पीठासीन अधिकारियों एवं मतदान कार्मिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी पीठासीन अधिकारी एवं मतदान कार्मिक आयोग के निर्देशों के संबंध में गहन अध्ययन कर लें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन मतदान कार्मिकों द्वारा प्रशिक्षण में भाग नहीं लिया जा रहा है, उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सीडीओ अंकित खंडेलवाल ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में छोटी सी गलती पूरे चुनाव को बाधित कर सकती है। इससे बचने के लिए आवश्यक है कि निर्वाचन की बारीकियों को अच्छे से समझें। उन्होंनें अनुपस्थित पीठासीन, प्रथम मतदान अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए।

लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्‍त

जिला कृषि अधिकारी राम प्रवेश ने बताया कि विवेकानंद कालेज में 21 पीठासीन अधिकारी एवं 35 मतदान अधिकारी सहित कुल 56 एवं कृष्णा इंटरनेशल स्कूल में 37 पीठासीन अधिकारी एवं 59 मतदान अधिकारी प्रथम समेत कुल 96 कार्मिक शुक्रवार को अनुपस्थित रहे। प्रशिक्षण में डीआईओएस डा. धर्मेन्द्र शर्मा व बीएसए सतेंद्र कुमार ढ़ाका का सराहनीय सहयोग रहा। उन्होंने बताया कि शनिवार को कार्मिकों के प्रशिक्षण का अंतिम दिन है। एेसे में इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि चुनाव के काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। ड्यूटी से गायब रहने वालों पर कार्रवाई होगी।

Edited By: Anil Kushwaha