अलीगढ़, जागरण संवाददाता । नगर निगम में स्थाई सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति पर वर्षों पहले रोक लगा दी गई थी, जो भर्ती किए गए थे, उनकी प्रोन्नति पर भी ब्रेक लगे हुए हैं। ऐसे में कर्मचारी परेशान हैं। सेवानिवृत्ति की आयु पर पहुंचे कर्मचारी भी सड़क, नालियों की सफाई कर रहे हैं। जबकि, उन्हें सुपरवाइजर, टीम लीडर बना देना चाहिए। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को संविदा पर नहीं रखा जा रहा। ऐसी परिस्थितियों में कर्मचारी नेताओं की नाराजगी बढ़ती जा रही है। कुछ समय पूर्व लखनऊ में प्रदर्शन करने पहुंचे कर्मचारी नेताओं को नगर विकास मंत्री ने मांगों पर विचार करने का आश्वासन देकर शांत किया था। जल्द ही बैठक आयोजित करने की बात भी कही। इसके लिए मंगलवार का दिन तय हुआ है। कर्मचारी नेता लखनऊ के लिए रवाना हो गए हैं।

मांगें पूरी हुई तो कर्मचारियों का भविष्‍य सुरक्षित रहेगा

स्थानीय निकाय सफाई मजदूर संघ प्रांतीय महामंत्री बिल्लू चौहान ने बताया कि प्रांतीय अध्यक्ष मानिक लाल नागर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओमी लाल वाल्मीकि, उपाध्यक्ष राजेंद्र सहदेव आदि वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में राज भवन पर प्रदर्शन हुआ था। नगर विकास मंत्री से वार्ता हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री को मांगों के संबंध में रिपोर्ट दी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर ही मंगलवार को दोपहर 12 बजे प्रमुख सचिव नगर विकास से मिलने का समय दिया गया है। प्रमुख सचिव से सफाई कर्मचारियों की समस्याओं से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि संगठन द्वारा प्रदेश में एक लाख सफाई कर्मचारियों की भर्ती, 2006 से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को स्थाई करने, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को संविदा में परिवर्तित करने, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का वेतन प्रतिमाह 18 हजार रुपये करने, निजीकरण पर रोक लगाने समेत अन्य मांगें की जा रही हैं। ये मांगें सफाई कर्मचारियों के हित में हैं। मांग पूरी होती हैं तो कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित रह सकेगा।

अलीगढ़ में कम हैं सफाई कर्मचारी

प्रांतीय अध्यक्ष मानिक लाल ने बताया कि अलीगढ़ में सफाई कर्मचारियों की संख्या बेहद कम है। जबकि, आबादी 13 लाख तक पहुंच गई है। 10 हजार की आबादी पर 28 सफाई कर्मचारियों के मानक भी पूरे नहीं हो पा रहे हैं। कुल 2316 सफाई कर्मचारी यहां तैनात हैं। अलीगढ़ में एक हजार सफाई कर्मचारियों की भर्ती करने की आवश्यकता है।

Edited By: Anil Kushwaha