अलीगढ़ [जेएनएन]  शहर में ऑनलाइन ठगी करने वालों का जाल फैला हुआ है। लोगों के खातों से लाखों रुपये पार हो चुके हैं। पीडि़त थाने व अफसरों के चक्कर काट रहे हैं। एसपी सिटी अभिषेक कुमार का कहना है कि शातिर एक मोबाइल नंबर से दो-तीन लोगों को शिकार बनाते हैं। फिर मोबाइल व सिम फेंक देते हैं। ऐसे में लोकेशन ट्रेस नहीं हो पाती, जिससे पकड़ में नहीं आ पाते। 

लॉटरी के नाम पर हड़पे 45 हजार

सासनीगेट के जयगंज निवासी विक्रम सिंह को चार माह पहले मोबाइल फोन पर तीन लाख की लॉटरी निकलना बताया। इनाम के लिए कागजी औपचारिकताएं पूरी करने को 30 हजार रुपये बैंक खाते में जमा करने को कहा। बताए गए खाते में दो बार में 45 हजार रुपये जमा करा दिए गए। इसके बाद फोन करने वाले का नंबर बंद हो गया। 

 खाते से 40 हजार पार

बन्नादेवी क्षेत्र में प्रतिभा कॉलोनी निवासीमुकेश शर्मा को किसी महिला ने फोन किया। खुद को बैंक कर्मी बताया। एटीएम कार्ड का पिन पूछा। न बताने पर एटीएम कार्ड ब्लॉक करने की बात कही। एटीएम पिन बताने के दो घंटे बाद ही खाते से 40 हजार रुपये निकल लिए गए। इसकी मैसेज से जानकारी हुई।

60 हजार की ऑनलाइन शॉपिंग

गांधीपार्क के मुकंद नगर निवासी हेमेंद्र कुमार शर्मा दवा कंपनी में प्रतिनिधि हैं। एसबीआइ शाखा धनीपुर में खाता है, जिससे शातिरों ने ऑनलाइन शॉपिंग कर 60 हजार रुपये पार कर दिए। 

 पीडि़तों की कतार लंबी

ऑनलाइन ठगी के पीडि़तों की कतार लंबी हैं। गांधीपार्क के कुंवरनगर निवासी कबाड़े का काम करने वाले कुंवरपाल सिंह के खाते से 80 हजार, नोएडा में नौकरी कर रहे प्रभातनगर निवासी पुष्पेंद्र के खाते से 17 हजार, सासनी के दूध प्लांट के सहायक प्रबंधक सत्यप्रकाश के खाते से 80 हजार, शिवा कॉलोनी निवासी सीआइएसएफ जवान सुरेंद्र सिंह की पत्नी सुनीता के खाते से 16 हजार, अलीनगर के सुभाष के खाते से 40 हजार, बलवंत नगर के डॉ. सीपी सिंह के खाते से ऑनलाइन ठगी के जरिए 70 हजार रुपये पार कर लिए हैं।  

टरका देते हैं बैंक 

पीडि़त बैंक पहुंचते हैं तो उन्हें थाने भेज दिया जाता है। पीडि़त सरकारी दफ्तरों के ही चक्कर काटते रहते हैं। शहर में करीब 300 से अधिक मामले सामने आए हैं, जिनमें ज्यादातर मोबाइल बैंकिंग से जुड़े हैं। 

Posted By: Sandeep Saxena

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