अलीगढ़ (जेएनएन) : भागदौड़ भरी जिंदगी में हर किसी को शांति और सुकून की तलाश है। ऐसे में कुछ लोगों ने क्वार्सी क्षेत्र में रामघाट रोड से करीब डेढ़ किलोमीटर पर शोर-शराबे से दूर स्वर्ग सा सुंदर व सपनों से प्यारा जहां बना लिया। यहां प्रकृति की अठखेलियां शांति देती हैं। इस जगह का नाम है सांगवान सिटी। इसमें 300 से ज्यादा परिवार बस चुके हैं। इनमें राजनेता, समाजसेवी, डॉक्टर, इंजीनियर, खिलाड़ी, ज्योतिषाचार्य आदि हैं। प्रेम और सद्भाव जैसे सांगवान सिटी की पहचान हो गई है। लोगों की सुबह-शाम जगह-जगह बने पार्कों में नरम-नरम दूब पर फूलों की खुशबू के बीच बीतती है। झूलों पर बच्चों की मस्ती तो देखते ही बनती है। आइए, सांगवान सिटी की सैर करें...

पूरा हुआ फोटोग्राफी का शौक

अखिल भारतीय महिला क्षत्रिय महासभा की जिलाध्यक्ष उमा सोलंकी बताती हैं, 'सांगवान सिटी में आने से पहले संकोच था कि कहां जा रहे हैं? पांच साल पहले जब आए तो मुख्य गेट से यहां छाई हरियाली व शांत वातावरण भा गया। सभी अच्छे और क्रिएटिव लोग हैं। मिल-जुलकर रहते हैं। मुझे नेचर की फोटोग्र्राफी का भी शौक था, जो यहां आकर पूरा हो रहा है। 

गुजरात के अपार्टमेंट जैसा 

भाजपा महिला मोर्चा की जिला महामंत्री भारती सिसौदिया भी यहीं रहती हैं। बताती हैं कि पति के साथ काफी समय गुजरात में बिताया। तीन साल पहले यहां आईं तो सांगवान सिटी का वातावरण पहली नजर में ही भा गया। यहां सुरक्षा की कोई चिंता नहीं। तीन बच्चे हैं। राजनीतिक व्यस्तता के चलते कहीं जाना भी हो तो चिंता नहीं रहती। बच्चों के लिए खेलने-कूदने का माहौल भी है। 

पार्कों में बसी अलग दुनिया

शशि चौहान के पति आर्मी में हैं। सांगवान सिटी में बच्चों के साथ रहती हैं। वे बताती हैं कि पांच साल से यहां हैं। सभी लोगों से बहुत प्रेम मिला। यहां का वातावरण शांति व सुकून देता है। अपार्टमेंट ही नहीं, पार्कों में भी अलग दुनिया बसी है।  बच्चों के लिए तरह-तरह के झूले हैं। जब भी मौका मिलता है, बच्चे पार्कों में धमा-चौकड़ी करते नजर आते हैं। 

 रोल मॉडल ओमश्री ताई

सांगवान सिटी में सभी लोग तीज-त्योहार मिलकर मनाते हैं। विशेष आयोजन भी होते हैं। इनमें महिलाएं बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती हैं। यहां रहने वाली सेवानिवृत्त शिक्षिका ओमश्री महिलाओं की रोल मॉडल और गाइड हैं। घर पर तरह-तरह के व्यंजन बनाना और पड़ोसियों का चखाना इन्हें खूब भाता है। महिलाएं उन्हें ताई कहती हैं। ओमश्री कहती हैं कि लोगों का इतना स्नेह पाकर वे गौरवान्वित महसूस करती हैैं। 

 तैयार हो रहीं खेल प्रतिभाएं 

कृषि विभाग में कार्यरत अवधेश सोलंकी आगरा की डॉ. आंबेडकर यूनिवर्सिटी लेबल पर वॉलीबॉल के खिलाड़ी रहे हैं। यह शौक आज भी बरकरार है। बताते हैं कि यहां वॉलीबॉल ही नहीं, अन्य खेलों के लिए मैदान है। रोजाना पांच बजे खिलाडिय़ों का जमघट लगता है। नई प्रतिभाएं तैयार हो रही हैं। 

 जिम, योग व जुंबा डांस 

सोसाइटी का जिम भी है। बाहर से प्रशिक्षक आते हैं। बुजुर्गों के लिए योगा की व्यवस्था है तो सप्ताह में एक दिन युवाओं को मुफ्त जुंबा डांस कराया जाता है। 

सबसे निराली हमारी सिटी 

सांगवान हाउसिंग ग्रुप के सीनियर मार्केटिंग मैनेजर विशाल सिंह ने बताया कि 11 साल पहले नौकरी के लिए आए और फिर यहीं परिवार समेत बस गया। यहां का वातावरण ऐसा है कि जो एक बार आए, यहीं का होकर रह जाता है। डीएस कॉलेज में समाजशास्त्र के प्रवक्ता डॉ. एनके जोशी, देवराज सिंह, दिवाकर सैनी ने कहा कि हमारी सांगवान सिटी सबसे निराली है।

Posted By: Sandeep Saxena

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