अलीगढ़ (जेएनएन)।  दिल के दौरे से पीडि़त 90 फीसद युवाओं में इसकी मुख्य वजह खराब नींद है। व्यायाम न करने व खराब आहार से भी जोखिम बढ़ रहा है। बुधवार को एक होटल में डिजिटल प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पद्मभूषण डॉ. त्रेहन व कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रजनीश कपूर ने शोध के आधार पर यह जानकारी दी।

देश में डायबिटीज के हैं सात करोड़ मरीज

दोनों विशेषज्ञों ने बताया कि देश में हार्ट के छह से सात करोड़ मरीज हैं। इतने ही डायबिटीज पीडि़त हैैं। डायबिटीज मरीजों में हार्टअटैक का खतरा दोगुना होता है। डॉ. कपूर ने बताया कि दिल का दौरा झेल चुके 40 वर्ष से कम आयु के लोगों में हुए अध्ययन से कम नींद के घातक परिणाम पता लगे हैैं। रिसर्च में सबसे कम उम्र का रोगी 19 साल का था। 64 रोगी धूमपान के आदी व 19 मधुमेह से पीडि़त थे। 68 रोगी 24 घंटे में औसतन छह घंटे से भी कम व 92 रोगी औसतन सात घंटे या इससे कम सोते थे। डब्ल्यूएचओ के सर्वे में भी यही नतीजे आए हैैं। दरअसल, नींद में कमी लेप्टिन व  घ्रेलिन जैसे हार्मोन के संतुलन को बिगाड़ देती है। सोने से दिल के घातक दौरे व सीवीडी का खतरा 24 फीसद तक कम हो सकता है।

डायबिटीज के मरीजों को खतरा ज्यादा

डॉ. त्रेहन व डॉ. कपूर ने शाम को शहर के फिजीशियन के साथ कांफ्रेंस की। कहा, डायबिटीज के मरीजों को हृदय रोग का खतरा दोगुना होता है, इसलिए साल में एक बार एलएफडी व ईको जैसी जांच जरूर कराएं। लोगों को जागरूक भी करें। संचालन अमित व रिपुदमन ने किया।

Posted By: Mukesh Chaturvedi

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