अलीगढ़, जागरण संवाददाता। मौसम बदलने से सुबह और शाम में सर्दी बढ़ने लगी है। रात और दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जाने लगी है। इस बदलते मौसम में सावधानी रखने की जरूरत है। ठंड बढ़ने के चलते लोग कफ के शिकार होने लगे हैं। बच्चे और बुजुर्गो को इस मौसम में संभलकर रहने की जरूरत है। सर्दी और बुखार आने पर अवश्य जांच कराएं। कोरोना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी भी जारी कर दी है है कि सर्दी और बुखार को हल्के में न लें।

अस्पतालों में बढ़ गए मरीज

इन दिनों सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में जुकाम, सर्दी, खांसी, बुखार आदि के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इस दौरान फ्लू के लक्षण वालों के कोरोना संक्रमण के जांच के नमूने भी लिए जा रहे हैं। बदलते व सर्दी के मौसम से कोरोना सहित अन्य मौसमी बीमारियां चपेट में ले सकती हैं। इसलिए जरूरी है कि आमजन स्वयं के स्तर पर भी खुद बचें एवं अन्य लोगों को बचाएं। विभाग ने भी कोरोना रोकथाम को लेकर जागरूकता गतिविधियां बढ़ाई हैं ताकि आमजन इसकी चपेट में आने से बच सकें।

दिन व रात के तापमान में अंतर से बीमारियां

सीएमअो डा. आनंद उपाध्याय के अनुसार इन दिनों दिन में धूप और सुबह व शाम को सर्दी होती है जो लापरवाही के चलते चपेट में ले सकती है। ऐसे में अब सर्दी, खांसी, जुकाम व बुखार जैसी सामान्य बीमारियां जकड़ सकती हैं। वर्तमान में कोरोना बढ़ता दिखाई दे रहा है जो लापरवाही पर घातक साबित हो सकता है। जरूरी है कि इन दिनों सर्दी से खुद को बचाते हुए बीमारियों से बचें। इन दिनों पूरी बाजू के कपड़े पहने जाएं और साप्ताहिक रूप से गमलों से, गमलों की ट्रे और फ्रिज की ट्रे का पानी साफ किया जाए ताकि मच्छर न पनप सकें। घर के आसपास मच्छर मारने वाली दवा का छिड़काव करवाएं।

खानपान का रखे ध्यान

दीनदयाल अस्पताल के आकस्मिक चिकित्सा अधिकारी डा. अंकुर अग्रवाल ने बताया कि मौसम बदलने से ठंड बढ़ने लगी है। जुकाम और खांसी होने पर गुनगुने दूध में दो से तीन ग्राम हल्दी डालकर सेवन करें। साथ ही दिन में भाप भी जरूर लें। रात में दही, चावल, राजमा, ठंडा पानी और आइस्क्रीम का सेवन न करें। इनके सेवन से जुकाम, खांसी और बुखार होने का खतरा है। सर्दी में गुनगुने पानी का सेवन करें। पूरे बाजू के कपड़े पहनें। गर्म कपड़े पहनें और मच्छरों को न पनपने दें और जनपद में कोरोना संक्रमित मरीजों का ग्राफ पहले की तुलना में गिरा है। इसके बाद भी सतर्क रहने की जरूरत है।

Edited By: Sandeep Kumar Saxena