अलीगढ़ (गौरव दुबे)।  भागमभाग भरी जिंदगी में लोग कितनी ही दौलत कमा लें मगर जब स्वास्थ्य धन की बात आती है तो लगभग हर घर से लाचारी सामने आ ही जाती है। इससे बचने के लिए लोग जिम व योग की ओर रुख करते हैं। स्वास्थ्य धन से लाचार लोगों की बैसाखी अब दिव्यांग बच्चे बनेंगे। ये बच्चे पहले योग सीखेंगे फिर योग ट्रेनर बनकर अपने लिए रोजगार से जुड़ेंगे और फिर लोगों को योग सिखाएंगे।  इसकी शुरुआत अहमदी स्कूल फॉर विज्युअली चैलेंज्ड में हो गई है। नए सत्र से स्कूल में दिव्यांग बच्चों के लिए एक घंटे योग की अनिवार्य कक्षाएं शुरू हो जाएंगी।

लगा था शिविर

एक से 14 फरवरी तक स्कूल के 32 दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से योग की ट्रेनिंग दी गई। सूर्य नमस्कार, पद्मासन से लेकर विभिन्न योग व आसन कराए गए। एएमयू फिजिकल एजुकेशन विभाग के एसोसिएट प्रो. अरशद बारी, रिसर्च कॉलेज के विद्यार्थी व स्कूल के खेल प्रशिक्षक शमशाद निसार आजमी ने योग के गुर सिखाए।

दिव्यांग टे्रनर को देख मिली प्रेरणा

खेल प्रशिक्षक शमशाद ने बताया कि दिसंबर 2018 में ब्लाइंड रिलीफ एसोसिएशन दिल्ली की ओर से निजामुद्दीन क्षेत्र में ट्रेनिंग कैंप लगाया गया था। वे भी वहां ट्रेनिंग में गए थे। वहां पैर से दिव्यांग बच्ची व्हील चेयर पर आई और लोगों को योग करना सिखाया। ये देख प्रेरणा मिली और स्कूल में इसे कराने का प्रस्ताव प्रिंसिपल के समक्ष रखा। उन्होंने तत्काल कदम उठाया और एएमयू स्कूल डायरेक्टर प्रो. असफर अली खान के पास अनुमति के लिए भेजा। डायरेक्टर ने छात्र हित में इसको मंजूरी दे दी।

दिक्कतों में होती ट्रेनिंग

दिव्यांग बच्चों को योग सिखाना भी टेढ़ी खीर है। जिन बच्चों को दिखता नहीं उनको बोल-बोलकर सिखाया जाता है। जिनको सुनाई नहीं देता वो देखकर करते हैं। जो सुनने व देखने दोनों में अक्षम में उनके हाथ योग मुद्रा में करवाकर प्रक्रिया कराई जाती है।

इन बच्चों ने ली ट्रेनिंग

अलिशबा, हुस्ना खातून, मोहम्मद कैफ, विष्णु कुमार, यशपाल सिंह, मोहम्मद सरफराज, आसिया, मोहम्मद हसनैन, मोहम्मद निजामुद्दीन, गुलनाज, आरती, आफरीन जहां, मोहम्मद नदीम, अमरीन फातिमा, याशी माहेश्वरी, प्रवीण कुमार, मोहम्मद अहमद खान, चंदन कुमार, मोहम्मद आबिद, आदर्श, गुलाम मोहम्मद, इरफान, जैन उस्मान, अमीन राशिद, रजत, नरगिस, अरुण कुमार, प्रीति कुमारी, खुशबू, सागर, मोहम्मद निजाम, अमन चौधरी।

शेड्यूल होगा तय

अहमदी स्कूल फॉर विज्युअली चैलेंज्ड के प्रधानाचार्य फिरदौस रहमान ने बताया कि नए सेशन से योग क्लास का शेड्यूल तय कर देंगे। दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना है। इन बच्चों में सीखने की क्षमता तेज होती है, काफी अच्छा प्रदर्शन किया है।

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Posted By: Mukesh Chaturvedi