अलीगढ़, जेएनएन । कोरोना काल के चलते माध्यमिक विद्यालयों के कक्षा नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों की आफलाइन व आनलाइन दोनों माध्यम से पढ़ाई अटकी हुई है। कोरोना संक्रमण घटने के साथ ही आनलाइन पढ़ाई का रास्ता खोला जाएगा। मगर केवल आनलाइन पढ़ाई से बेहतर तैयारी होना मुश्किल होता है इसलिए अब विद्यार्थियों को प्रैक्टिस एक्सरसाइज भी आनलाइन मुहैया कराई जाएगी। माध्यमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को प्रैक्टिस एक्सरसाइज करना अनिवार्य होगा। आनलाइन माध्यम से ही विद्यार्थी इस एक्सरसाइज को हल कर शिक्षक को भेजेंगे। शिक्षक इनका मूल्यांकन कर विद्यार्थी की तैयारी का आकलन करेंगे। जिस विषय या पाठ्यसामग्री में विद्यार्थी कमजोर होगा उसको तैयारी कराई जाएगी।

प्रैक्टिस एक्सरसाइज आनलाइन मुहैया होगी

माध्यमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को अब सीबीएसई की तर्ज पर प्रैक्टिस एक्सरसाइज आनलाइन मुहैया होगी। कोरोना काल में आनलाइन कक्षाओं से जुड़े विद्यार्थियों को पढ़ाई जा रही विषय सामग्री उनके दिमाग में रहे, इसके लिए ये पहल की जा रही है। हालांकि अभी आनलाइन पढ़ाई पर रोक लगाई गई है। मगर जब आनलाइन पढ़ाई शुरू होगी तो ये एक्सरसाइज छात्र-छात्राओं को हल करनी होगी। हर कालेज के प्रधानाचार्य अपने-अपने विद्यार्थियों के लिए प्रैक्टिस एक्सरसाइज तैयार कराएंगे। अफसरों का मानना है कि कक्षा में न आकर केवल आनलाइन माध्यम से पढ़ाई करने में कुछ विद्यार्थियों के दिमाग से चीजें उतर जाती हैं। नियमित एक्सरसाइज से पढ़ी हुई चीजेें भूलेंगी नहीं।

नियमित एक्सरसाइज से निरंतरता बनी रहेगी

डीआइओएस डा. धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि, विद्यालयों में होमवर्क तो दिया ही जाता है। नियमित एक्सरसाइज से निरंतरता बनी रहेगी। किसी दिन विद्यार्थी ने जो पढ़ा उसी में से ऐसे बिंदु दिए जाएंगे जिनको हल करने में विद्यार्थी का रिवीजन भी हो जाए। जिलास्तर पर ये व्यवस्था बनाने की योजना तैयार की है। सभी प्रधानाचार्यों संग बैठक कर इस पर कार्ययोजना तैयार की जाएगी। कोशिश रहेगी कि बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए एक्सरसाइज तैयार कराकर डीआइओएस अलीगढ़ की साइट पर डाली जाए। इससे ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थी इसका लाभ ले सकेंगे। बताया कि हर विद्यार्थी को इस प्रैक्टिस एक्सरसाइज से जुड़ना जरूरी होगा। अभी बोर्ड परीक्षार्थियों की तैयारी भी कराने का लक्ष्य शिक्षकों के सामने होगा। साथ ही नौवीं व 11वीं के विद्यार्थियों का कोर्स पूरा कराने की चुनौती भी होगी। ऐसे में नियमित एक्सरसाइज से छात्र-छात्राओं को लाभ मिल सकेगा।