गौरव दुबे, अलीगढ़। यूपी रेसलिंग एसोसिएशन ने खिलाडि़यों के हित में बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेशभर में संचालित अखाड़ों के खलीफा मिट्टी पर कुश्ती लड़ने के गुर पहलवानों को सिखाते हैं। एसोसिएशन पदाधिकारियों का मानना है कि मिट्टी पर प्राचीन कुश्ती सीखने में बुराई नहीं लेकिन उनको गद्दे पर प्वाइंट वाली कुश्ती के नियमों की जानकारी भी होनी चाहिए। देश को पदक दिलाने के लिए आगे बढ़ना है तो मिट्टी छोड़ गद्दे पर ही आना होगा। इसलिए हर जिले के कोच व पदाधिकारी सप्ताह में अवकाश के दिनों में अखाड़े में जाएंगे। वहां पहलवानाें को नियमों की जानकारी देंगे। खलीफाओं को भी इसके बारे में बताएंगे। जिससे वे पहलवानों को सही प्रशिक्षण दे सकें।

जिले में करीब 77 अखाड़े संचालित

जिले में करीब 77 अखाड़े संचालित होते हैं। जिनमें करीब 4500 से ज्यादा पहलवान प्रशिक्षण लेते हैं। टोक्यो ओलंपिक के बाद कुश्ती के नियमों में बदलाव किए जाने की भी संभावना है, इसलिए ये प्रयास जागरूकता लाएगा। कुश्ती के कोच व पदाधिकारी जब अखाड़े में जाएंगे तो उनको गद्दे की कुश्ती के नियम बताने के लिए स्थान तय किया जाएगा। जहां पहलवान व खलीफा इकट्ठा होंगे और जानकारी हासिल करेंगे। खलीफा भी इस प्रक्रिया में कोच का सहयोग करेंगे। कुश्ती एसोसिएशन ने यह भी फैसला लिया है कि एसोसिएशन में वे ही लोग पदाधिकारी बनेंगे जिनको कुश्ती खेल के बारे में जानकारी होगी। इसके लिए उनको परीक्षा भी पास करनी होगी। जानकारी होगी तभी वे खिलाड़ियों को बता पाएंगे। इस संबंध में सर्कुलर भी जारी किया जा चुका है।

कोच व सचिव ने पास की परीक्षा

कुश्ती के एनआइएस कोच राकेश चौधरी व जिला कुश्ती एसोसिएशन सचिव भगत सिंह बाबा ने जुलाई में इस प्रशिक्षण को पूरा कर परीक्षा दी थी। परीक्षा में दोनों ने सफलता हासिल की है। अखाड़ों मेें जाकर पहलवानों को नियम बताने की जिम्मेदारी जिले में इन दोनों की ही होगी।

एसोसिएशन गद्दे भी कराएगा मुहैया

कुश्ती कोच राकेश ने बताया कि अगर किसी अखाड़े में उत्कृष्ट पहलवान हों और वे ठीक संख्या में गद्दे पर कुश्ती लड़ने के इच्छुक हुए तो यूपी एसोसिएशन इसमें भी मदद करेगी। उस अखाड़े में गद्दे भेजने का काम भी किया जाएगा। ट्रेनिंग के दौरान इसका अाश्वासन पदाधिकारियों ने दिया है।

इनक कहना है

अखाड़ों में तमाम प्रतिभाएं होती हैं। मगर नियम की जानकारी न होने से ट्रायल तक क्वालीफाइ नहीं कर पाते। इसलिए प्रदेश के हर जिले में ये मुहिम चलाने पर मुहर लगाई है। आदेश जारी कर दिए हैं।

प्रेम कुमार मिश्रा, महासचिव, यूपी रेसलिंग एसोसिएशन

प्रशिक्षण सत्र पूरा हो चुका है। कोच अखाड़ों में जाएंगे, उसके लिए पेट्रोल आदि का खर्च जिला एसोसिएशन की ओर से वहन किया जाएगा। अगस्त के पहले हफ्ते से ही मुहिम जिले में शुरू कर देंगे।

भगत सिंह बाबा, सचिव, डिस्ट्रिक्ट रेसलिंग एसोसिएशन

Edited By: Anil Kushwaha