हाथरस, जेएनएन। जिले में संचालित सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में तैनात शिक्षिकाओं को विद्यालयों में उपस्थित होकर अपनी उपस्थिति प्रेरणा पोर्टल पर देनी थी। लेकिन विद्यालयों में तैनात शिक्षिकाओं ने अलग-अलग स्थानों से अपनी लोकेशन देकर उपस्थिति पोर्टल पर दर्ज करा दी। जिस पर राज्य परियोजना निदेशक ने नाराजगी व्यक्त की है। बीएसए ने शिक्षिकाओं की लापरवाही में वार्डनों की संलिप्तता पाई है। इसलिए सभी छह विद्यालयों की वार्डनों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। सात दिनों के अंदर अपना जबाव वार्डनों को देना होगा। जबाव न देने की स्थिति में बीएसए के द्वारा विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

यह है मामला

जिले के हाथरस, हसायन, सादाबाद, सिकंदराराऊ, मुरसान और सहपऊ में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में गरीब व अनाथ बालिकाओं को कक्षा छह से आठ तक की शिक्षा निश्शुल्क प्रदान की जाती है। विद्यालयों को संचालित करने की जिम्मेदारी वार्डन के कंधों पर होती है। विद्यालयों में पूर्ण कालीन शिक्षिकाओं को भी वहीं रहकर बालिकाओं को शिक्षा देनी होती है। प्रेरणा पोर्टल के जरिए अपनी लोकेशन व उपस्थिति शिक्षिकाओं को देनी होती है। इसके लिए कुछ माह पूर्व राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षण के द्वारा निर्देश दिए गए थे। लेकिन अधिकांश कस्तूरबा विद्यालयों में तैनात शिक्षिकाओं द्वारा नियमित पोर्टल पर उपस्थिति नहीं दी जा रही। बीएसए ने जब पोर्टल का अवलोकन किया तो संज्ञान में आया कि विद्यालय स्टाफ द्वारा विभिन्न लोकेशन से अपनी-अपनी उपस्थिति दी जा रही है। जिससे स्पष्ट होता कि विद्यालय स्टाफ उपस्थित नहीं होता। बीएसए शाहीन ने अब सभी छह विद्यालयों की वार्डनों को कारण बताओ नोटिस जारी करके सात दिन के अंदर जबाव मांगा है।