अलीगढ़, जागरण संवाददाता।  जनपद में ढाई माह बाद कोरोना पाजिटिव मिलने के बाद से चिंतित स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के लिए पांचवें दिन भी राहत भरा रहा। रविवार को करीब चार हजार सैंपलों के परिणाम में सभी की रिपोर्ट निगेटिव रही। वहीं, सक्रिय मरीज भी डिस्चार्ज होकर घर पहुंच गया। इस तरह जनपद अब फिर से कोरोना मुक्त हो गया है।

तीन जुलाई को अंतिम कोरोना मरीज मिला

जिले में कोरोना की दूसरी लहर की समाप्ति पर तीन जुलाई को अंतिम कोरोना मरीज सामने आया। रोजाना चार से पांच हजार लोगों की सैंपलिंग हो रही थी, कोई निगेटिव मरीज न निकलने से माना जाने लगा कि कोरोना खत्म हो गया। लेकिन, एक सप्ताह पहले सितंबर को रामघाट रोड स्थित एडीए कालोनी के 54 वर्षीय को पिछले दिनों तेज बुखार आया। स्वजन ने इसे मौसमी बुखार समझा और दवा ले ली, 21 सितंबर को मरीज को सांस लेने में तकलीफ हुई। स्वजन तुरंत ही मेडिकल कालेज ले गए। मेडिकल कालेज की टीम ने कोरोना की आशंका को देखते हुए आरटीपीसीआर जांच कराई तो रिपोर्ट पाजिटिव निकली। इससे स्वास्थ्य विभाग ही नहीं, प्रशासन में खलबली मच गई। आनन-फानन टीमें बनाकर मरीज के संपर्क में आए 200 से अधिक लोगों के सैंपल लिए। राहत की बात ये रही कि सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई। हालांकि, रोजाना सैंपल लिए जा रहे हैं, जिनकी जांच के बाद परिणाम जारी हो रहे हैं। लेकिन, रविवार को पांचवे दिन भी जारी सभी रिपोर्ट निगेटिव आने से सभी ने राहत की सांस ली।

ये है स्थिति

जिले में अब तक 15 लाख 37 हजार 160 मरीजों की जांच हो चुकी है। इसमें छह लाख 75 हजार 816 आरटीपीसीआर, 8.58 लाख एंटीजन किट, 2958 ट्रूनेट व 85 सीबी नाट मशीन से जांच हो चुकी हैं। अब तक 21 हजार 277 मरीज पाजिटिव पाए जा चुके हैं। 108 मरीजों की मृत्यु की बात विभाग ने स्वीकार की। करीब चार हजार सैंपलों की रिपोर्ट लंबित है, जिनके परिणाम का इंतजार है।

इनका कहना है

ये अच्छी बात है कि संक्रमित मरीज निकलने के बाद दूसरा कोई मामला सामने नहीं आया है। लोगों से अपील है कि संक्रमण को लेकर सतर्कता बरतें। मास्क लगाएं। हाथों को सैनिटाइज करें और शारीरिक दूरी का ध्यान रखें।

- डा. आनंद उपाध्याय, सीएमओ।

Edited By: Anil Kushwaha