अलीगढ़, जागरण संवाददाता। शहर से होकर गुजर रहे अलीगढ़-आगरा हाईवे पर भाजपा की योगी सरकार में उजाले की उम्मीद पांच साल तक बनी रही। 2017 में जब नई सरकार बनी, तब नगर निगम ने हाईवे पर स्ट्रीट लाइट लगाने की उम्मीद जगाकर टेंडर निकाला था, लेकिन एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं लग सकी। अब नया टेंडर निकाला जाएगा। इसमें भी कुछ समय लगेगा। स्ट्रीट लाइट का काम नई सरकार के गठन के बाद ही शुरू हो सकेगा। नगर निगम के लापरवाह रवैये का परिणाम है कि पूर्व में टेंडर निकालने के बाद भी हाईवे को रोशन न कर सका। पिछले साल पोल लगाए गए थे, लेकिन इन पर एलईडी लाइट नहीं लग सकीं। दो पोल तो वाहनों की टक्कर से गिर चुके हैं, जिन्हें पुन: खड़ा नहीं किया गया।

सासनी गेट चौराहे से शुरू हो रहा हाईवे

सासनीगेट चौराहे से अलीगढ़-आगरा हाईवे शुरू हो जाता है। चौराहे से सराय हरनारायण तक नगर निगम की सीमा है। हाईवे पर इसी हिस्से में स्ट्रीट लाइट लगाई जानी हैं। एनएचएआइ द्वारा इस पर सहमति जताई जा चुकी है। बावजूद इसके स्ट्रीट लाइट न लग सकीं। वर्ष 2017 में इसके लिए नगर निगम ने 1.20 करोड़ का टेंडर निकाला था। इसमें डिवाइडर पर पोल लगाने के अलावा एलईडी लाइट की खरीद भी शामिल थी। फिर इस टेंडर को रद कर दिया गया। टेंडर से पाेल हटाकर सिर्फ एलईडी का ठेका ईईएसएल कंपनी को दे दिया गया। इस कंपनी से नगर निगम का करार पहले से था। शहरभर में ईईएसएल द्वारा स्ट्रीट लाइट लगवाई गई हैं। लेकिन, बकाया भुगतान न होने पर कंपनी ने एलईडी की आपूर्ति रोक दी। हाईवे का ठेका लेने से भी इन्कार कर दिया। ऐसी स्थिति में पाेल लगाने के लिए 48 लाख रुपये का टेंडर एक फर्म काे दे दिया गया। पिछले साल हाईव पर 100 पोल लगाए गए, लेकिन इन पर एलईडी न लग सकी।

पार्षदों ने किया था हंगामा

एलईडी लगाने के लिए करीब 60 लाख रुपये का टेंडर निकाला गया था। तब पार्षदों ने बजट अधिक बताकर आपत्ति जता दी। बोर्ड बैठक में खूब हंगामा हुआ। पार्षदों के विरोध में टेंडर रद करना पड़ा। पुन: ईईएसएल कंपनी से एलईडी लगाने को कहा गया। लेकिन, कंपनी ने सहमति नहीं जताई। तब नया टेंडर निकालने की प्रक्रिया शुरू हुई। लेकिन, आचार संहिता के चलते प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। अब आचार संहिता हटने पर ही एलईडी लग सकेंगी। तब तक नई सरकार का गठन भी हो जाएगा।

Edited By: Sandeep Kumar Saxena