जागरण संवाददाता, अलीगढ़ : एएमयू के 300 से अधिक उन छात्रों के लिए अच्छी खबर है, जिनके खिलाफ पुलिस ने अज्ञात में जानलेवा हमला, बवाल आदि में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगी। एसएसपी ने साफ कहा है कि अज्ञात में दर्ज छात्रों पर कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन जो कैंपस का माहौल खराब करेंगे या कर रहे हैं उन्हें नहीं बख्शा जाएगा।

एएमयू में दो मई को जिन्ना प्रकरण को लेकर हमला करने आए ¨हदूवादियों के खिलाफ सैकड़ों छात्र रिपोर्ट दर्ज कराने सिविल लाइंस थाने जा रहे थे। तभी पुलिस से टकराव हुआ था। पुलिस की लाठीचार्ज में छात्रसंघ अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी, सचिव मोहम्मद फहद समेत कई छात्र घायल हुए। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस जावेद खां ने पुलिस पर हमले की रिपोर्ट छात्रसंघ अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सज्जाद सुभान रॉथर व सचिव समेत 300 अज्ञात छात्रों के खिलाफ कराई थी। 11 दिन से धरना दे रहे छात्रों की एक मांग यह भी थी कि रिपोर्ट वापस ली जाए। एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि छात्रों की अधिकांश मांग मान ली गई हैं। 300 उन अज्ञात छात्रों के खिलाफ भी कार्रवाई नहीं की जाएगी, जिनके खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। उनको नहीं बख्शा जाएगा, जो माहौल खराब करेंगे। कैंपस में वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। रविवार को बीटेक की भी परीक्षा होगी। उस पर भी हमारी नजर रहेगी।

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लाठी चार्ज में घायल छात्रों

का दोबारा होगा मेडिकल!

पुलिस उन छात्रों का दोबारा मेडिकल कराने पर विचार कर रही है। खास कर उन छात्र नेताओं का जो लंबे समय से प्लास्टर, व्हीलचेयर आदि का इस्तेमाल कर रहे हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो लाठीचार्ज वाले दिन जिला अस्पताल में छात्र नेताओं का मेडिकल हुआ था। उसमें कुछ ने तो लिखकर दिया था कि उन्हें चोट नहीं लगी है। बाद में वे मेडिकल कॉलेज में गए और लंबा इलाज कराया। इस बारे में एसपी सिटी ने कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया।

Posted By: Jagran

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