अलीगढ़ (जेएनएन)। अलीगढ़ के श्रीलक्ष्मीराज इंटर कॉलेज गभाना के प्रिंसिपल अनिल कुमार शर्मा से पांच करोड़ की चौथ मांगने और न देने पर कॉलेज को बम से उड़ाने की धमकी भरा खत मिलने के बाद पुलिस व खुफिया तंत्र सक्रिय हो गया है। आज इंटेलीजेंस ब्यूरो (आइबी) की टीम जांच के लिए कॉलेज पहुंची। यह खत छत्तीसगढ़, बिहार व उप्र के प्रभारी नक्सली कमांडर रविकांत के नाम से भेजा गया था।

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अलीगढ़ जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर स्थितकॉलेज का संचालन जिला पंचायत करती है। इसके प्रधानाचार्य को कल दोपहर में डाक से यह धमकी भरा खत मिला था। उन्होंने इसकी जानकारी गभाना पुलिस, जिला पंचायत अध्यक्ष व अन्य अफसरों को फोन और पत्र भेजकर दी। प्रधानाचार्य को मिले धमकी भरे खत की जानकारी होने पर आज तमाम छात्र-छात्राएं कॉलेज नहीं पहुंचे। स्टाफ जरूर पहुंचा, लेकिन वह डरा-सहमा दिख रहा था। खत की जांच के लिए गभाना थाना प्रभारी राजीव यादव, क्राइम ब्रांच, एलआइयू (स्थानीय अभिसूचना इकाई) के अलावा आइबी की टीम भी कॉलेज पहुंची। प्रधानाचार्य से पूछताछ की। उन्हें मिले खत का भी बारीकी से निरीक्षण किया। सीओ गभाना अनिल कुमार ने बताया कि खत किसी शरारती तत्व ने भेजा है या धमकी सही है, इसकी गहराई से जांच की जा रही है। एसपी सिटी एके श्रीवास्तव ने बताया कि पत्र में जिन लोगों के नामों का जिक्र है, पुलिस ने उनके घर जाकर जांच की तो वे काम करते मिले। उनका कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं है, फिर भी जांच चल रही है। पिछले साल चंडौस डाकघर को भी ऐसा ही पत्र मिला था, जिसकी जांच में पाया गया था कि किसी शरारती तत्व ने भेजा है।

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प्रधानाचार्य को मिले तीन पन्ने के पत्र में गभाना थाना पुलिस, जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू और अन्य अफसरों को फोन व पत्र भेजकर धमकी व चौथ मांगने की सूचना है। पत्र में कहा गया है कि हमारे कुछ साथी पकड़े जा चुके हैं। ऊपर से नोट बंदी ने परेशान कर रखा है। लिहाजा, स्टाफ से जुटाकर पांच करोड़ रुपये दे दो। न दिया तो बम से कॉलेज उड़ा देंगे। स्टाफ, स्कूली बच्चे व आपका परिवार मार दिया जाएगा। ये पैसे नई करेंसी में देने हैं। 15 दिन बाद रात के एक बजे पैसे लेकर निकलना है। तमाम स्थानीय लोगों के नाम का हवाला देते हुए नक्सली कमांडर तक पैसे पहुंचाने की हिदायत दी गई है। चालाकी पर अंजाम बुरा होने की धमकी भी दी है। यह भी कि सरकार और पुलिस हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती। पत्र की भाषा टूटी-फूटी है। रुपये भेजने का पता व जानकारी से लगता है कि लेखक प्रोफेशनल नहीं है। यह कोई शरारत भी हो सकती है। पत्र में नोएडा एसटीएफ के हत्थे चढ़े साथियों का भी जिक्र है।

Posted By: Nawal Mishra

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