अलीगढ़, जागरण संवाददाता। नगर निगम के सेवाभवन में दोपहर के वक्त ज्यादातर दफ्तर खाली हो जाते हैं। अधिकारी तो कोई मिलता ही नहीं है। पूछने पर पता चलता है कि अधिकारी लंच करने गए हैं। फरियादी उनके इंतजार में बैठे रहते हैं। दो से ढाई घंटे बाद ही अफसर लौटेते हैं। जबकि, लंच टाइम में भी अधिकारी कार्यालय नहीं छोड़ सकते। वहीं, खाना खाने के दिशा-निर्देश हैं। नगर आयुक्त व एडीए वीसी गौरांग राठी ने मौजूदा हालात देख कार्यालय में ही लंच करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। हालांकि, इन आदेशों के बाद भी कुछ अधिकारी लंच टाइम में निकल जाते हैं।

कार्यालय में नहीं टिकते पैर

सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी, अधिकारियों को आधा घंटा लंच ब्रेक दिया जाता है। इस दौरान वे खाना खा लेते हैं। लेकिन, लंच कार्यालय परिसर में ही करना होता है। नगर निगम के सेवाभवन और एडीए कार्यालय में भी यही नियम हैं। मगर पालन नहीं हो पा रहा। पिछले दिनों नगर आयुक्त व एडीए वीसी नगर आयुक्त ने एडीए कार्यालय में ये निगम कड़ाई से लागू करा दिया। स्पष्ट निर्देश दिए गए बिना अनुमति के अवकाश, मुख्यालय छोड़ने पर उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली 1999 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

कार्यालय में ही लंच करें, बाहर न जाएं कर्मचारी

दरअसल, एडीए कार्यालय में अधिकारी, अभियंता व पटल सहायक के कार्यालय में समय से उपस्थित न होने व अक्सर गायब रहने की शिकायतों का संज्ञान लेकर कड़ाई की गई। यही व्यवस्था नगर निगम में भी लागू की गई है। नगर आयुक्त ने बताया कि अक्सर देखा गया है कि अधिकारी, कर्मचारी कार्यालय में समय से उपस्थित नहीं होते हैं। या फिर लंच का बहाना कर घर चले जाते हैं। जिसके कारण सेवाभवन में आने वाले आम नागरिकों को काफी असुविधा होती है। इसी के चलते सेवाभवन में बिना अनुमति कार्यालय छोड़ने या अवकाश पर जाने वाले अधिकारियों व कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई अमल में लाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा सेवाभवन में समय से उपस्थित होकर अधिकारी व कर्मचारी शासकीय कार्यों को पूर्ण निष्ठा व लगन से करें। लंच के लिए कार्यालय न छोड़ें, वहीं लंच करें।

Edited By: Anil Kushwaha