हाथरस, जागरण संवाददाता । कृषि कानूनों के विरोध में विभिन्न किसान संगठनों और राजनीतिक दलों के आह्वान पर किसानों ने भारत बंद आंदोलन किया। इसे लेकर जिले में इसका कोई खास असर नहीं रहा। सभी मंडियों के साथ बाजार भी खुले रहे। हालांकि बिसावर सहित कुछ स्थानों पर किसान नेताओं ने बाजार बंद करवा दिए थे।

किसानों ने किया था बंद का आह्वान

अपनी मांगों को लेकर किसानों ने सोमवार को भारत बंद रखकर आंदोलन किया। इसके चलते दिल्ली सहित कई शहरों में इसका असर रहा। जिले में इस आंदोलन से किसानों व व्यापारियों ने दूरी बनाए रखी। सुबह से अलीगढ़ रोड स्थित मंडी समिति में सब्जी मंडी व अनाज मंडी में दुकानें खुली रहीं। किसानों ने सब्जियां, फल व अनाज बेचने के लिए मंडियों में पहुंचने लगे थे। इससे साफ लग रहा था कि यहां किसान आंदोलन का कोई असर नहीं हैं।

तीनों तहसीलों में खुली रहीं मंडियां व प्रतिष्ठान

तीनों तहसीलों में मंडियां व प्रतिष्ठान खुले रहे। सिकंदराराऊ में सुबह से ही बाजारों में दुकानें खुल गई थीं। मंडी समिति में भी चहल-पहल रही। सादाबाद व सासनी की मंडियों में भी फल, सब्जी व अनाज की फसलों को बेचने के लिए किसान मंडी पहुंच गए थे। इन स्थानों पर बाजारों में भी दुकानें खुली रहीं।

बिसावर में बंद कराए बाजार

जिले में दिल्ली बंद आंदोलन को लेकर कुछ नेता सक्रिय दिखे। रालोद व किसान यूनियन के नेताओं ने सादाबाद तहसील के बिसावर में सुबह खुले बाजारों को बंद करा दिया। वह बाजारों में बैनर लेकर नारेबाजी करते हुए चल रहे थे। कोई हंगामा नहीं हो इसके लिए दुकानदार अपने प्रतिष्ठानों को बंद करके चले गए।

सुरक्षा के लिए जगह-जगह तैनात रही पुलिस

भारत बंद आंदोलन को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क रहा। सुबह से ही जिले की सभी तहसीलों क्षेत्रों में बाजार, मंडी सहित सभी स्थानों पर पुलिस तैनात कर दी गई थी। पुलिस की गाड़ियां सायरन बजाती हुई बाजारों में घूम रहीं थीं। अधिकारी स्थिति पर सुबह से ही नजर बनाए हुए थे। कोई बबाल नहीं इसके लिए पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मंडी व बाजारों में घूम रहे थे।

इनका कहना है

कृषि उत्पादन मंडी समिति में सब्जी मंडी सुबह से ही खुल गई थी। किसानों ने वहां आकर अपने कृषि उत्पादों की बिक्री की। सुबह 10 बजे के बाद गल्ला मंडी में भी दुकानें खुल गई थीं। किसान आंदोलन का कोई असर नहीं दिखा।

- यशपाल सिंह, मंडी सचिव

Edited By: Anil Kushwaha