अलीगढ़, जागरण संवाददाता। जिले का हर जिला पंचायत सदस्य एक गांव को गोद लेकर उसका समुचित विकास कराएगा। एक साल उसी पर इस गांव की जिम्मेदारी होगी। जिले से लेकर शासन तक विकास कार्यों के लिए पैरवी करेगा। जिला पंचायत अध्यक्ष भी एक गांव को गोद लेंगी। फिलहाल, जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए तमाम नेता और अन्य अपने-अपने गांव को गोद दिलाने के लिए लगे हुए हैं। उन्हें पता है कि जिला पंचायत अध्यक्ष जिस गांव को गोद लेंगी, उसमें बड़े स्तर पर काम होंगे। जिला पंचायत बजट से भी इस गांव में काम होंगे।

जिले में कुल 47 जिला पंचायत सदस्‍य

जिले कुल 47 जिला पंचाायत सदस्य हैं। पिछले दिनों शासन स्तर से अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने जिला पंचायत सदस्यों को जिले में किसी एक गांव को गोद लेकर उसका सम्पूर्ण विकास कराने के लिए कहा है। हर जिला पंचायत सदस्य एक गांव को गोद लेकर विकास कराएगी। इससे एक सदस्य के पांच साल के कार्यकाल में पांच गांवों की हालत सुधर जाएगी। इसमें उसे नाली, सड़क, खडंजे के अलावा अन्य काम भी कराने हैं। चयनित गांव में जिला पंचायत रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए काम करेगी। जिले में कुल 47 जिला पंचाायत सदस्य हैं। इन सभी को एक गांव गोद लेने के निर्देश मिले हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष ने सीडीओ से विकास कार्यों में पिछड़े गांव की सूची मांगी है। जल्द ही हर सदस्य के लिए एक गांव व एक सीएचसी का चयन कर लिया जाए।

जरूरत के हिसाब से पिछड़े गांव को माडल बनाया जाएगा

जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि जरूरत के हिसाब से पिछड़े गांव को माडल बनाया जाएगा। अब सूची का इंतजार है। जल्द ही सभी सदस्यों को गांव व सीएचसी आवंटित हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि गांव के अलावा सदस्य सीएचसी भी गोद लेंगे। वह अपने गोद लिए सीएचसी का भी गांव की तरह कायाकल्प कराएंगे। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यह कार्य शासन की प्राथमिकता में शामिल हैं। ऐसे में सभी सदस्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वह इन पर गंभीरता से काम करें।

Edited By: Anil Kushwaha