जागरण संवाददाता, अलीगढ़ : फिलीस्तीन पर इजरायल की कार्रवाई का एएमयू छात्रों ने विरोध किया है। कार्रवाई के खिलाफ बुधवार को एएमयू में मार्च निकाला गया। यह मार्च जामा मस्जिद से फैज गेट तक निकाला गया। इस दौरान अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की गई। बाद में प्रधानमंत्री के नाम सिविल लाइंस इंसपेक्टर जावेद खां को ज्ञापन दिया गया, जिममें दखल देने की मांग की गई।

यह मार्च जुमे की नमाज के बाद निकाला गया। इसकी तैयारी पहले से ही की गई थी। रमजान के आखिरी जुमे को योमे दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन फिलीस्तीन पर कार्रवाई के विरोध में दुनिया भर में कुदस दिवस के रूप में अत्याचार, अन्याय व शोषण के खिलाफ मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य अत्याचारी, अन्यायी और आक्रमणकारी शासन के खिलाफ आवाज उठाना था। प्रदर्शन के दौरान कहा गया कि कुदस दिवस दुनियाभर के मानवता प्रेमी एवं न्याय प्रेमी लोगों द्वारा जारी एक आंदोलन है। इसका मकसद समाज से अत्याचार, अन्याय व शोषण की समाप्ति है। वर्तमान समय में सबसे अधिक अत्याचार फिलीस्तीन की जनता पर किए जा रहे हैं। इस आंदोलन का उद्देश्य उन्हीं लोगों के प्रति संवेदना प्रकट करना है। जहां पलायन करने वालों ने जाकर वहां के निवासी लोगों के अधिकारों का हनन कर उन पर अत्याचारों की तारीख लिख दी। समय-समय पर मुसलमानों के प्रथम किबले का अनादर कर दुनिया भर के मुसलमानों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। इस दौरान नादिर अब्बास, मौलाना जाहिद हुसैन, मौलाना अहमद मजलिसी, मौलाना शबान हैदर, महबूब आदि मौजूद रहे।

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