अलीगढ़ [जेएनएन] : सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पहली बार  बजरंग दल महानगर की ओर से आयोजित कारसेवकों के सम्मान समारोह में विहिप के पश्चिमी उप्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री मनोज वर्मा जमकर दहाड़े। कहा कि कोर्ट के फैसले के बाद पुनर्विचार याचिका डाली गई है। मगर, मंदिर निर्माण के रास्ते में यदि कोई आएगा तो वह विवादित ढांचे की तरह उड़ जाएगा। अब सारी बाधाएं दूर हो गईं हैं। अयोध्या में प्रभु श्रीराम के मंदिर निर्माण से कोई रोक नहीं सकता। रविवार को केपी इंटर कॉलेज में मनोज वर्मा ने कहा कि अयोध्या में विवादित ढांचा हिंदुओं को चिढ़ाता था, इसलिए 1992 में ढहा दिया गया। मनोज ने कहा कि लोगों के मन में एक बड़ी आशंका थी कि विहिप की स्थापना श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए हुई है। मगर, मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होने के बाद भी हम काम कर रहे हैं। अब गीता जयंती मनाएंगे। 

विहिप खोलेगा लव जिहाद के खिलाफ मोर्चा

पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विहिप लव जेहाद के खिलाफ हमेशा मोर्चा खोले रहेगी। इसे देश में नहीं चलने दिया जाएगा। समाजसेवी बीएस पाल ने अध्यक्षता की। संचालन महानगर संयोजक गौरव शर्मा ने किया। कार्यक्रम में प्रांत उपाध्यक्ष योगेश बहन जी, शेखर शर्मा, इंद्रपाल सिंह, मयंक कुमार, रितेश वर्मा, अमित भारद्वाज, अशोक पांडेय, गुलशन ठाकुर,  आशू सक्सेना, सुभ्रांत वाष्र्णेय, गोपाल, अन्नू आजाद, राम अवतार शर्मा, आशीष शर्मा, विशाल देशभक्त आदि मौजूद थे। 

मिटा दिया कलंक 

मनोज वर्मा ने कहा कि विहिप ने 1984 में अपने हाथ में श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन हाथ में लिया था। कार्यकर्ताओं की निष्ठा एवं कारसेवा के कारण पूर्ण हो गया। करीब 75 बार श्रीराम मंदिर तोड़ा गया। हिंदू समाज समय-समय पर निर्माण कराता रहा। सबसे अंत में मीर बाकी ने मंदिर को तोड़ा था और विवादित ढांचा बना दिया था। कारसेवकों ने इस कलंक को समाप्त कर दिया। सह प्रांत संगठन मंत्री आर्येंद्र ने कहा कि हमें ङ्क्षहदू समाज को एकजुट बनाए रखना है। 

146 कारसेवक सम्मानित 

कारसेवक गौरव सम्मान में 146 कारसेवकों को सम्मानित किया गया। कारसेवा के समय शहीद हुए भगवान सिंह के परिजनों का विशेष सम्मान दिया गया। सत्यप्रकाश नवमान,  राजेंद्र वाष्र्णेय, कृष्णा गुप्ता, अनीता जैन, अर्जुन देव, जयप्रकाश सारस्वत, आलोक शिवाजी, प्यारेलाल दाढ़ी वाले, गजेंद्र पाल सिंह आर्य, इंद्रपाल सिंह, जगबीर मिश्रा, राजाराम मित्र, भाजापा जिलाध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल सिंह, मनोज शर्मा, शकुंतला भारती को भी सम्मानित किया गया। 

 कोर्ट की अवमानना बताया 

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव इकबाल मंद ने कहा कि विहिप द्वारा कारसेवक गौरव सम्मान सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवमानना है। यदि कारसेवक सम्मान या शौर्य दिवस मनाया जा रहा है तो ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। 

Posted By: Sandeep Saxena

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