अलीगढ़, जागरण संवाददाता: मंगलायतन विश्वविद्यालय में स्वतंत्रता दिवस पर देश के लिए बलिदान होने वाले महापुरुषों को याद किया गया।

बतौर मुख्य अतिथि भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेशचंद्र शर्मा ने कहा कि भारत संघर्ष करते हुए अपनी संस्कृति, जीवन मूल्यों को बचाने में बलिदान करता रहा है। हमारा इतिहास कभी गुलामी का नहीं रहा, हमारे देश की परंपरा बलिदान की रही है। नौजबानों को देश के लिए बलिदान होने वाले महापुरुषों से प्रेरणा लेनी चाहिए। क्योंकि आजादी मिलना सरल है उसे बनाए रखना कठिन है।

इससे पहले मुख्य अतिथि ने विशिष्ठ अतिथि एमएलसी ऋषिपाल सिंह, चेयरमैन हेमन्त गोयल, कुलपति प्रो. केवीएसएम कृष्णा, कुलसचिव बिग्रेडियर समरवीर सिंह आदि के साथ ध्वजारोहण किया।

विशिष्ठ अतिथि एमएलसी ऋषिपाल सिंह ने कहा कि हम श्रेष्ठ है हमारी संस्कृति श्रेष्ठ है। हम दुनिया में सबसे बड़ी ताकत बनने जा रहे हैं। आज प्रत्येक युवा में राष्ट्रभक्ति उभर रही है यह गौरव की बात है। उन्होंने मंगलायतन विश्वविद्यालय को शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा नाम बताया।

अहिंसा को जीवन में अपनाए तभी स्वतंत्रता सफल है

कुलपति प्रो. केवीएसएम कृष्णा ने कहा कि ये गर्व की बात है हम स्वतंत्रता को 75 वर्ष तक कायम रख सके। इसे हम संघर्ष और बलिदानों के रास्ते से आगे भी कायम रख सकते हैं। सत्य, अहिंसा को सभी लोग अपने जीवन में अपनाए तभी सही मायने में स्वतंत्रता दिवस सफल है। चेयरमैन हेमन्त गोयल ने अतिथियों को प्रतीक चिन्ह भेंट करके सम्मानित किया। कुलसचिव बिग्रेडियर समरवीर सिंह ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए सभी का आभार व्यक्त किया।

उत्कृष्ठ सेवा देने वाले हुए सम्मानित

वही, विश्वविद्यालय में उत्कृष्ठ सेवा देने वाले प्राध्यापकों व कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। छात्र-छात्राओं ने गीत, नृत्य, कविता, भाषण आदि कार्यक्रमों के माध्यम से देशवासियों को राष्ट्रप्रेम, एकता, भाईचारा, शांति-सद्भाव का संदेश दिया।

इस अवसर पर ज्वाइंट रजिस्ट्रार डा. दिनेश शर्मा, प्रशासनिक अधिकारी गोपाल सिंह राजपूत, ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि अरुण फौजी, प्रो. जयंतीलाल जैन, प्रो. उल्लास गुरुदास, प्रो. सिद्धार्थ जैन, डा. अंकुर अग्रवाल, डा. संतोष गौतम, डा. हैदरअली, डा. विकाश शर्मा, तरुन शर्मा, जितेंद्र शर्मा, मयंक प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन कौशिकी व वीर प्रताप ने सुयक्त रुप से किया।

Edited By: Mohammad Aqib Khan