अलीगढ़[जेएनएन]: किचन में चाय चढ़ाते हुए बेटी आरुषी के लिए मोबाइल पर किताब डाउनलोड पर लगाई, इंटरनेट सिग्नल स्लो आ रहा था। मुख्य गेट के पास थोड़ी स्पीड मिली तो वहीं खड़ी रहीं। 50 फीसद डाउनलोड हुई कि पति की आवाज आ जाती है कि चाय उबल गई। फिर अंदर जाते ही डाउनलोडिंग फेल हो जाती है। ऑनलाइन पढ़ाई में किताब मिलने की कठिनाई बताते हुए तालानगरी निवासी प्रियंका तिवारी ने ये जानकारी दी। निजवन कॉलोनी निवासी लोकेंद्र बताते हैं कि बेटा पवन माध्यमिक विद्यालय में पढ़ता है। एनसीईआरटी की किताब इंटरनेट से डाउनलोड नहीं हुईं। पुरानी किताबों से पढ़ाई कर रहा है।

हर घर की यह समस्या

ये समस्या हर घर की है, लेकिन कोरोना वायरस के चलते देश भर में चल रहे लॉकडाउन की वजह से समस्‍या और अधिक बढ़ गई है। हालांकि सरकार की ओर से वेबसाइट पर एनसीईआरटी की किताबें व अन्य लिंक पर किताबें अपलोड की गई हैं, लेकिन डाउनलोड नहीं हो पातीं। डीपीएस में आठवीं की छात्रा सान्या बताती हैं कि एनसीईआरटी किताबें हों या अन्य, डाउनलोडिंग में समस्या रहती है। ओएलएफ में 10वीं के छात्र आदित्य वाष्र्णेय ने बताया कि किताब डाउनलोड करने में इंटरनेट काफी खर्च होता है।

ई-पाठशाला पर 1200 किताबें

ई-पाठशाला वेबसाइट पर 1200 किताबें अपलोड हैं। इसमें एनसीईआरटी की ओर से डिजाइन 696 ई-पुस्तकें व 504 फ्लिप पुस्तकें हैं। राष्ट्रीय मुक्त शैक्षिक संसाधन कोष की वेबसाइट पर 14527 फाइलें डाली गई हें। जिनमें 401 संकलन, 2779 दस्तावेज, 1345 इंटरेक्टिव सामग्री, 1664 ऑडियो सामग्री, 2586 तस्वीरें व 6153 वीडियो कार्यक्रम उपलब्ध हैं।

जिस विषय को दो दिन बाद पढ़ाना होता है उसको विद्यार्थी को पहले ही बता देते हैं, ताकि डाउनलोड कर लें।

शंभूदयाल रावत, प्रधानाचार्य, अग्रसेन इंटर कॉलेज, हरदुआगंज

बच्चों को पुरानी किताबें मुहैया कराई हैं। इंटरनेट से किताब डाउनलोड करना मुश्किल काम है।

डॉ. ललित कुमार, प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय खिजरपुर जोशिया

सीबीएसई विद्यार्थियों को बनाएगा किचन मास्टर

सीबीएसई ने खाली समय में घर पर बैठे विद्यार्थियों में कुछ नया करने व सीखने की ललक जगाने के लिए पहल की है। स्कूल संचालक अभिभावकों के पास संदेश भिजवाएंगे कि वो बच्चों को किचन में कुछ नया करने के लिए प्रेरित करें। इससे विद्यार्थियों के कौशल में इजाफा होगा और मिलनसार रवैये का विकास होगा। सीबीएसई जिला कोऑर्डिनेटर व डीपीएस की प्रिंसिपल आरती निगम ने बताया कि लॉकडाउन में विद्यार्थियों को ज्ञानवर्धक क्रियाओं में व्यस्त रखने के लिए यह सब किया जा रहा है।

Posted By: Sandeep Saxena

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