अलीगढ़, सुरजीत पुंढीर। उत्‍तर प्रदेश के कई जिलों में फर्जी शस्त्र लाइसेंस के मामलों के बीच अलीगढ़ में भी बड़ा पर्दाफाश हुआ है। जिले में 300 से अधिक शस्त्र लाइसेंस धारक ऐसे चिन्हित हुए हैं, जो लाइसेंस में दर्ज मूल से पते से लापता हैं। पुलिस सत्यापन में इसका पर्दाफाश हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि इन्होंने फर्जी पते से लाइसेंस बनवाए थे। अब पुलिस रिपोर्ट के आधार पर डीएम, एडीएम प्रशासन व एडीएम सिटी कोर्ट से इन सभी लाइसेंसों को निलंबित कर दिया गया है। पिछले तीन महीनों में यह कार्रवाई हुई है। अब अफसर जवाब का इंतजार कर रहे हैं। अगर संतोषजनक जवाब नहीं अाता है तो जल्द ही लाइसेंस निरस्त कर दिए जाएंगे। पहली बार इतने बड़े स्तर पर कार्रवाई होने से इन लाइसेंस धारकों में खलबली मच गई है।

यह है मामला

जिले में कुल 37 हजार लाइसेंस धारक हैं। इसमें सबसे अधिक संख्या राइफल धारकों की है। पिछले दिनों कानपुर समेत प्रदेश के कई जिलों से असलहा जारी कराने में फर्जीवाड़े के मामले सामने आए थे। ऐसे में जिले में भी सत्यापन के आदेश हुए थे। प्रशासन की तरफ से पुलिस को सभी 32 थानों में सत्यापन के आदेश दिए गए। जून में यह सत्यापन का काम हुआ। इसमें जिले में काफी चौंकाने वाली स्थिति सामने आई। शहर व देहात क्षेत्र में करीब 300 से अधिक असलहा धारक ऐसे मिले हैं, जो लाइसेंस में दर्ज पते से लापता थे। वहीं, कुछ लाइसेंस धारक ऐसे भी थे, जिन पर अपराधिक मुकदमे दर्ज थे। ऐसे में पुलिस ने सभी लाइसेंसों की सत्यापन की रिपोर्ट थानों के हिसाब से डीएम, एडीएम प्रशासन, एडीएम सिटी व एडीएम वित्त एवं राजस्व के कोर्ट में प्रस्तुत की। यहां पर सत्यापन रिपोर्ट का अवलोकन किया। इसके बाद असलहा निलंबित करने के आदेश कर दिए गए।

दुरुपयोग की हैं संभावना

चिन्हित लोगों ने आवासीय पता बदले जाने के संबंध में थाने को कोई जानकारी भी नहीं दी है। सत्यापन रिपोर्ट में भी ऐसी जानकारी पुलिस को नहीं मिल सकी कि शस्त्र के साथ लाइसेंसधारी अब कहां रह रहे हैं और खरीदे गए लाइसेंस शस्त्र की क्या स्थिति है। ऐसे में इन शस्त्र के दुरुपयोग की भी संभावनाएं हैं।

पुलिस की सत्यापन रिपोर्ट पर असलहा निलंबन की कार्रवाई होती है। जिले में भी पिछले दिनों सत्यापन हुआ था। अब निलंबन के बाद लाइसेंस धारकों के जवाब आने पर आगे की कार्रवाई होगी।

सेल्वा कुमारी जे, डीएम