अलीगढ़ (जेएनएन)। शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि शिया वफ्फ बोर्ड के चेयरमैन सैयद वसीम रिजवी सीबीआइ जांच से बचने के लिए अयोध्या में राम मंदिर बनाने की बात कर रहे हैं। सरकार की ओर से वसीम रिजवी को बचाने का मतलब आजम खान को बचाना होगा, क्योंकि वफ्फ में जितनी बेईमानियां हुई हैं, सभी आजम के जरिये हुई हैं। 

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर इंटरफेथ अंडरस्टैंंडिंग की ओर से बुधवार को आयोजित कॉन्फ्रेंस में भाग लेने आए कल्बे जवाद ने मीडिया से कहा कि वफ्फ बोर्ड सरकारी संस्था है। सैयद वसीम रिजवी शिया समुदाय के नुमाइंदे नहीं हैं। उन्हें बोर्ड का चेयरमैन सरकार ने बनाया है, शियाओं ने नहीं। राम मंदिर बनने की बात वे इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि उनके खिलाफ सीबीआइ जांच चल रही है। मदरसों में एनसीईआरटी कोर्स शामिल करने के सरकार के फैसले पर उनका कहना था कि मदरसा दीनी तालीम के लिए बने थे। कंप्यूटर की पढ़ाई वैकल्पिक विषय है। एनसीआरटी कोर्स लाने से तो वही हुआ, जैसे इंजीनियङ्क्षरग कॉलेज में दीनियात की पढ़ाई कराई जाए। ताजमहल विवाद पर बोले, किसी के कहने से कोई चीज उसकी नहीं हो जाती।

इंटरफेथ पर उन्होंने कहा कि सभी धर्म के लोगों को इसके लिए आगे आना होगा, ताकि सही मजहब पेश किया जा सके। आज वो मजहब है, जो राजनेता पेश कर रहे हैं। इसमें नफरत फैलाने की बात हो रही है। धर्म से भटके लोगों को समझाने के लिए हर धर्म के लोगों की टीम बने। कश्मीर में भी इसकी जरूरत है। वहां नेता नौजवानों को बहका रहे हैं। नक्सलियों के लिए सरकार कहती है कि संयम बरता जाए। वे कश्मीर के लिए सरकार से गुजारिश करते हैं कि वहां भी संयम बरता जाए। उन्हें मारा न जाए। बच्चे अंधे हो जाएंगे तो नफरत ही बढ़ेगी। 

 

Posted By: Amal Chowdhury

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