अलीगढ़ (जेएनएन)।  यदि आप इलाज कराने के लिए निजी अस्पताल या क्लीनिक पर जा रहे हैं तो पहले पता जरूर कर लें। पश्चिम बंगाल में जूनियर डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में आइएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) व डॉक्टरों के अन्य संगठनों ने सोमवार से 24 घंटे की हड़ताल का एलान किया है। ओपीडी सेवाएं ठप रहेंगी, केवल इमरजेंसी सेवाएं चलेंगी। वहीं, सातवें वेतन की मांग को लेकर मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल शुरू कर दी है। यह हड़ताल तीन दिन रहेगी।

डॉक्टरों पर हमले की निंदा

पश्चिम बंगाल समेत देशभर में डॉक्टरों पर हमले के विरोध में आइएमए भी आंदोलन में कूद गया है। अध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि अलीगढ़ आइएमए में करीब 450 डॉक्टर पंजीकृत हैं। डेंटल एसोसिएशन ने भी समर्थन कर प्रतिष्ठान बंद रखने का निर्णय लिया है। सोमवार सुबह छह बजे से मंगलवार सुबह छह बजे तक हॉस्पिटल, क्लीनिक, अल्ट्रासाउंड सेंटर, पैथालॉजी लैब समेत सभी चिकित्सा सेवाएं बंद रहेंगी। केवल गंभीर मरीजों को राहत देते हुए इमरजेंसी सेवाएं खुली रहेंगी।

सरकार कानून बनाए

सचिव डॉ. सुवेक वाष्र्णेय ने कहा कि डॉक्टरों के साथ होने वाली ऐसी घटनाए दुर्भाग्यपूर्ण हैं। सरकार पश्चिम बंगाल मेंदोषियों पर कार्रवाई करे। ऐसे अपराधियों पर कार्रवाई के लिए केंद्रीय कानून भी बनाए। डॉ. प्रदीप बंसल ने बताया कि हड़ताल को मेडिकल कॉलेज डॉक्टर्स एसोसिएशन व राजकीय चिकित्सा संघ का समर्थन भी प्राप्त है। आम जनता से आह्वïान है कि आकस्मिक इलाज के लिए ही घर से निकलें। सुबह 10 बजे सभी डॉक्टर फुलवारी बैंक्वेट हॉल में इकट्ठा होंगे।

सीएमओ ने कहा-सरकारी अस्पताल में मिलेगा इलाज

सीएमओ डॉ. एमएल अग्र्रवाल ने हड़ताल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है। तीनों जिलास्तरीय अस्पतालों व सभी सीएचसी-पीएचसी पर डॉक्टरों को अलर्ट कर दिया गया है। जो डॉक्टर छुïट्टी पर हैं, उन्हें बुलाया गया है। सभी जगह पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं।

मेडिकल में आरडीए की भी आज से हड़ताल

एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने भी  सोमवार से हड़ताल शुरू कर दी। इसकी मांग सातवां वेतमान लागू कराने की है। रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने 17 से 22 जून तक हड़ताल पर जाने का एलान किया है।

आरडीए की रविवार को हुई बैठक में हड़ताल पर निर्णय लिया गया। उपाध्यक्ष हम्जा मलिक ने बताया कि 24 मई को हुई बैठक में ही हमने कह दिया था कि मांग पूरी न हुई तो हड़ताल पर चले जाएंगे। किसी ने हमारी नहीं सुनी। सातवां वेतनमान हर जगह लागू हो गया है। एएमयू, बीएचयू व दिल्ली के यूसीएमएच में लागू नहीं हो सका है। इस मांग को लेकर 107 दिन हमने धरना भी दिया। कई बार कुलपति से मुलाकात की। यूजीसी भी गए, लेकिन बात नहीं बनी। सोमवार सुबह 8 बजे से जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर रहेंगे। प्रदर्शन भी होगा। 18 जून को दिल्ली जाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। हड़ताल 22 जून तक तय हुई है, इसे अनिश्चितकाल के लिए भी किया जा सकता है। बैठक में आरडीए की सचिव सादमा शाहीन भी मौजूद थीं।

 

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Posted By: Mukesh Chaturvedi