अलीगढ़, जागरण संवाददाता। सरकारी चिकित्सालयों में स्थित जन औषधि केंद्रों को क्रियाशील करने संबंधी शासनादेश के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सतर्क नजर आए। वार्डों में भर्ती रोगियों के सिरहाने से ब्रांडेड दवा की शीशी, इंजेक्शन व अन्य सामग्री नदारद हो चुकी हैं। अधिकारियों के पास भी कोई रोगी ब्रांडेड दवा लिखने की शिकायत लेकर नहीं पहुंचा। अस्पताल प्रबंधन की टीम ने ओपीडी, दवा काउंटर व जन औषधि केंद्रों पर व्यवस्था भी देखी। चिकित्सकों के लिए बाहर की दवा न लिखने संबंधी आदेश फिर दोहराए गए। इसके लिए रोगियों ने सरकार के साथ दैनिक जागरण के समाचारीय अभियान की भी सराहना की। हां, यह व्यवस्था स्थाई रूप से लागू रखने की उम्मीद की है।

दैनिक जागरण का समाचारीय अभियान

दैनिक जागरण ने दम तोड़ते जन औषधि केंद्रों की दशा सुधारने के लिए विगत दिनों वृहद स्तर पर समाचारीय अभियान चलाया। इसमें दवा कंपनियों व चिकित्सकों के बीच गठजोड़, ब्रांडेड दवा पर अंधाधुंध मुनाफाखोरी, जन औषधि केंद्रों की बदहाली, महंगी दवा के बोझ से कराहते रोगियों की पीड़ा, जेनरिक के नाम पर रोगियों से ठगी आदि मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। इस अभियान का बड़ा असर देखने को मिला। मंगलवार को शासन से भी आदेश आ गए। बुधवार को जागरण टीम ने फिर जिला अस्पताल व दीनदयाल चिकित्सालय पहुंचकर हकीकत देखी। रोगियों से बात की, सभी के पास अस्पताल या जन औषधि केंद्र की दवा का पर्चा था। जन औषधि केंद्रों पर भीड़भाड़ नजर आई। रोगी खुश नजर आए। जिला अस्पताल की सीएमएस डा. ईश्वर देवी बत्रा ने बतायाकि

रोगी बोले...

मुझे वायरल हुआ है। जिला अस्पताल में उपचार को आई हूं। फिजीशियन से परामर्श लिया। कुछ दवा अस्पताल में नहीं थी तो उन्होंने जन औषधि केंद्र के लिए लिख दीं, जो मुझे काफी सस्ती कीमत पर मिल गई। इसमें सीरप व दूसरी दवा शामिल है। पहले तो आधी दवा बाहर से खरीदनी पड़ती थी।

- सुमन, सराय लवरिया।

जागरण ने सराहनीय अभियान चलाया है। पेट व अन्य परेशानी होने पर इलाज कराने आया। डाक्टर को दिखाया। कुछ दवा जेनरिक लिखी हैं, जो अस्पताल में ही जन औषधि केंद्र से मिल गईं। दैनिक जागरण ने जेनरिक दवा को बढ़ावा देने के लिए सराहनीय पहल की है। यह व्यवस्था बनी रहनी चाहिए।

- विपिन सिंह, देहली गेट।

शासन की मंशा के अनुसार जन औषधि केंद्रों को अधिक से अधिक क्रियाशील रखने का प्रयास किया जाएगा। डाक्टरों को सख्त हिदायत दी गई है कि बाहर की दवा न लिखें। वर्तमान में अस्पताल के काउंटर व जन औषधि केंद्र पर लगभग सभी दवा उपलब्ध हैं। मैं खुद इसकी मानीटरिंग कर रहा हूं।

- डा. अनुपम भास्कर, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक दीनदयाल चिकित्सालय।

Edited By: Sandeep Kumar Saxena