अलीगढ़ (जेएनएन)। डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट (फर्रुखाबाद) की ओर से दिव्यांगों को निश्शुल्क उपकरण बांटने में हुए फर्जीवाड़े के मामले में पूर्व केंद्रीय विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद व ट्रस्ट के सचिव अतहर फारुकी को एडीजे-तीन संजय कुमार की कोर्ट से सशर्त अंतरिम जमानत मिल गई। दोनों को जांच में सहयोग करने व बिना अनुमति देश छोड़कर नहीं जाने का आदेश दिया गया है। जमानत पर अब 16 अक्टूबर को सुनवाई होगी।

यह था मामला

एडीजीसी जेपी राजपूत के मुताबिक, 30 मार्च 2010 को सामाजिक न्याय एवं आधिकारिक मंत्रालय ने प्रदेश के 17 जिलों में दिव्यांगों को निश्शुल्क उपकरण बांटने के लिए कायमगंज की पूर्व विधायक लुईस खुर्शीद की देखरेख में संचालित डॉ. जाकिर हुसैन मैमोरियल ट्रस्ट फर्रुखाबाद को 71.50 लाख रुपये अनुदान राशि दी थी। इसमें अलीगढ़ के लिए चार लाख रुपये थे। इस मामले में 24 मई 2017 को  आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा लखनऊ के निरीक्षक रमाशंकर यादव ने फर्जीवाड़े का आरोप लगाकर क्वार्सी थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। ट्रस्ट के प्रतिनिधि प्रत्युश शुक्ला को नामजद किया गया।

पूर्व विदेश मंत्री की पत्नी पर लगा आरोप

आरोप था कि मैरिस रोड पर 30 मई 2010 को जो कैंप लगाया गया था, उसकी रिपोर्ट में अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय व सीएमओ अलीगढ़ के फर्जी हस्ताक्षर किए गए। केंद्र सरकार के निर्देश पर जांच कराई गई। 22 मार्च 2017 को प्रत्युश शुक्ला की मौत हो गई। इसके बाद ट्रस्ट की परियोजना निदेशक/कोषाध्यक्ष लुईस खुर्शीद निवासी सुखदेव विहार न्यू फ्रेंड्स कालोनी नई दिल्ली और सचिव अतहर फारुकी उर्फ मोहम्मद अतहर निवासी गुलमोहर एवेन्यू जामिया नगर नई दिल्ली पर भी आरोप बढ़ाए गए थे।

Posted By: Sandeep Saxena

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