अलीगढ़, जागरण संवाददाता। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत आयोजित की जा रही नुमाइश के दरबार हाल में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी फाउंडेशन द्वारा लगाई गयी जरा याद करो कुर्बानी प्रदर्शनी में लगे सेनानियों के चित्रों को उखाड़ कर कूड़े के ढेर में फेंक दिया गया। भाजपा नेता व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी फाउंडेशन के पदाधिकारियों को जब इसकी भनक लगी तो उन्होंने हस्तक्षेप किया। इसके बाद अफसरों ने दोबारा से चित्र प्रर्दशनी लगवा दी है। पदाधिकारियों ने इसके लिए कोल तहसीलदार पर आरोप लगाया है। उन्होंने इसकी शिकायत सीएम व पीएम से करने की चेतावनी दी है।

नुमाइश में लगी थी स्‍वतंत्रता सेनानियों की तस्‍वीरें  

प्रशासन ने इस बार आजादी के अमृत महोत्सव के तहत नुमाइश का आयोजन कराने का फैसला लिया है। इसमें देश के लिए अपना जीवन कुर्बान करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों के बारे में लोगों को बताया जा रहा है। इसी कड़ी में 1804 से लेकर 1947 तक की अलीगढ़ में आजादी की लड़ाई लडऩे वालों की प्रदर्शनी दरबार हाल में लगाई गयी थी। यह प्रदर्शनी दरबार हाल के दांयी ओर लगी थी। इसमें सभी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के चित्र व एतिहासिक महत्व के बारे में बताया गया है। लोग इसे देखने जाते हैं। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी फाउंडेशन के संरक्षक सुरेन्द्र शर्मा ने आरोप लगाया कि तहसीलदार कोल ने दरबार हाल के बांयी और किसी अन्य व्यक्ति को चित्र प्रदर्शनी लगाने की अनुमति दे दी। आरोप है कि इसी दौरान शहीदों की चित्र प्रदर्शनी को उखाड़ कर फेंक दिया गया। उस व्यक्ति द्वारा बायीं व दायीं दोनों और अपनी प्रदर्शनी लगा दी। पदाधिकारियों का कहना है कि यह प्रदर्शनी संस्कृति मंत्रालय के आदेश पर लगी थी। इसकी जानकारी भाजपा नेता मानव महाजन व अन्य लोगों को हुई। उन्होंने तत्काल अफसरों से शिकायत की। इस पर दोबारा से प्रदर्शनी लग गई।

शहीदों का हुआ अपमान

फाउंडेशन के संरक्षक सुरेन्द्र शर्मा ने कहा कि यह शहीदों का अपमान है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तहसीलदार कोल गजेंद्र पाल ङ्क्षसह ने बताया कि सभी आरोप बेबुनियाद हैं। एक निर्धारित समय के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का दरबार हाल का आवंटन हुआ था। जब समय पूरा हुआ तो इनके चित्र प्रदर्शनी हटवा दी गई। बाद में लोगों ने मांग की इसे और बढ़ाया जाए तो दोबारा से हाल में यह प्रदर्शनी लगवा दी गई है।

Edited By: Anil Kushwaha