अलीगढ़, जागरण संवाददाता। अमृत महोत्सव में डीएवी कालेज के मैदान में अध्यात्मकि गुरु सुनील कौशल महाराज ने देश की गौरवगाथा सुनाई। उन्होंने कहा कि हमारा इतिहास माताओं के त्याग, तपस्या और साहस से भरा हुआ है। दुनिया का इतना श्रेष्ठ और गौरवशाली इतिहास कहीं और का नहीं है।

स्‍वयंसेवकों में उत्‍साह

सुनील कौशल महाराज का उद्बबोधन इतना प्रभावशाली का कि उनके हर शब्दों पर तालियां गूंज उठती थीं। संत रविदास नगर के स्वयंसेवकों का भी उत्साह देखते ही बनता था। सुनील कौशल महाराज ने कहा कि हमारे देश में पन्ना धाय जैसी वीरांगना हुईं हैं, जिन्होंने अपने बेटे को इस देश के लिए न्यौछावर कर दिया। कितना साहस से भरा यह निर्णय होगा। उस समय पन्ना धाय का धैर्य भी देखते बनता था क्योंकि तनिक भी लापरवाही करतीं तो देश की सुरक्षा पर आंच आ सकती थी। इसलिए नई पीढ़ी को ऐसी माताओं का इतिहास पढ़ाएं, उन्हें बताएं कि यहां की माताएं देश की आन-बान-शान के लिए कैसे मर-मिटतीं हैं। सिंहनी बन जाती हैं, दुर्गा और रणचंडी बन जाती हैं। उस गौरवशाली इतिहास और परंपरा के द्योतक हैं आप। अध्यक्षता करते आचार्य पवन वशिष्ठ ने कहा कि अमृत महोत्सव ने हमें गौरवशाली इतिहास से परिचय कराने का काम किया है, वरना बहुत से लोगों को इस बारे में पता ही नहीं था। महानगर सह संघचालक देवेंद्र ने कहा कि लाखों लोगों ने इस देश के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी, मगर इतिहास के पन्ने पर उनका नाम नहीं आया। आरएसएस ने ऐसे लोगों को सामने लाने का काम किया है। नगर संघचालक मुकेश एवं पूर्व नगर संघचालक सुरेश ने भी युवाओं से भारतीय इतिहास का गहन अध्ययन करने को कहा। भारत माता की आरती में जोशीले नारे लगे। भारत माता-वंदेमातरम का जयघोष लगाया गया। भारत माता के चित्र पर शहर विधायक संजीव राजा, कोल विधायक अनिल पाराशर, भाग प्रचारक मोहित, समाजसेवी आलोक वात्सल्य, महानगर शारीरिक प्रमुख प्रशांत ने पुष्प अर्पित कर वंदन किया। संचालन तरुण मिश्रा ने किया। संयोजक रौनक गुप्ता गणगीत सुनाया। नगर कार्यवाह आशीष, सह नगर कार्यवाह राजेश, सह संयोजक अनिल शर्मा, सह संयोजक डा. मनोज वर्मा, सुनील शर्मा भंडारी, प्रियांशु, हर्ष, शशांक, अनिल सेंगर, देवेंद्र गुल्लू, योगेश शर्मा आदि ने कार्यक्रम में सहयोग किया।

Edited By: Sandeep Kumar Saxena