अलीगढ़ (एएमयू)। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में जिन्ना को लेकर चले धरना-प्रदर्शन के दौरान हुए विवाद में पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी समेत तीन छात्रों के कुर्की नोटिस लेकर पुलिस बिहार गई और इनके घरों पर चस्पा कर दिए।

यह है मामला

यूनियन हॉल में लगी पाकिस्तान के जनक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर पर सवाल उठाते हुए भाजपा सांसद सतीश गौतम ने पत्र लिखा था। इससे दो मई को एएमयू में बवाल हुआ। तमाम छात्र बॉबे सैयद पर धरने पर बैठ गए, जो काफी लंबा चला। धरने के दौरान 15 मई को आरएम हॉल में मारपीट व हंगामा हुआ। छात्र कमरुल हसन ने आरोप लगाया कि उससे धरने के लिए तीन लाख रुपये जबरन मांगे गए, विरोध करने पर जानलेवा हमला किया गया। इसमें जीशान निवासी भड़ई सासाराम जिला रोहितास (बिहार), राशिद निवासी बिटिया कस्बा जिला चंपारन (बिहार), वसीम व तारिक माया निवासी जमालपुर सिविल लाइंस के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। विवेचना में पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी निवासी फैजुल्ला चौक जिला दरभंगा (बिहार) का नाम भी प्रकाश में आया। 22 अगस्त को तारिक को जेल भेज दिया गया। बाकी फरार चल रहे हैं।

गिरफ्तारी वारंट पर भी नहीं हुए हाजिर

29 सितंबर को कोर्ट ने इनके गिरफ्तारी वारंट जारी किए। वारंट तामील होने के बाद भी आरोपित हाजिर नहीं हुए। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस विनोद कुमार ने बताया कि बिहार के फरार तीनों अभियुक्तों के घरों पर कुर्की नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं। अभियुक्त अब भी हाजिर नहीं हुए तो कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Mukesh Chaturvedi