जासं, अलीगढ़ : सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दिल्ली में रोके जाने की खबर से भड़के सपाइयों ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंक दिया। शुक्रवार को क्वार्सी बाईपास स्थित पार्टी कार्यालय में जुटे सपाई जलता हुआ पुतला लेकर बाहर निकल आए और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। सपाइयों के प्रदर्शन के आगे पुलिस मूक दर्शक बनी रही।

अलीगढ़ में चुनावी गतिविधियों की टोह लेने आए सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल सिंह कश्यप ने पार्टी कार्यालय पर दोपहर दो बजे पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद मीडिया से वार्ता की। इसी दौरान अखिलेश यादव को दिल्ली में रोके जाने की जानकारी मिलने पर पार्टीजन भड़क गए। युवजन सभा के जिलाध्यक्ष रंजीत चौधरी कार्यकर्ताओं के साथ मुख्यमंत्री का जलता हुआ पुतला लेकर कार्यालय के बाहर आ गए और जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। कुछ ही दूर खड़े पुलिस कर्मी मूक दर्शक बने रहे। किसी भी कार्यकर्ता से कुछ कहने की हिम्मत तक न जुटा सके।

सपा जिलाध्यक्ष गिरीश यादव ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने स्वयं ट्वीट कर इसकी जानकारी दी थी। इससे कार्यकर्ताओं में आक्रोश पनप गया और विरोध करने लगे। पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार तानाशाही कर रही है। उप मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर अलीगढ़ आ गया और सपा अध्यक्ष का हेलीकाप्टर रोका जा रहा है।

विरोध करने वालों में राजेश सैनी, मनीष शर्मा, संदीप यादव, बादशाह खान, कृपाल सिंह आदि थे। सपा नेता रुबीना खानम के नेतृत्व में तस्वीर महल चौराहे पर भी विरोध प्रदर्शन हुआ। सरकार का विरोध कर पोस्टर लहराए। इस दौरान पुलिस से नोकझोंक हुई।

भाजपा ने लगाई अघोषित इमरजेंसी: राजपाल

पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष व एमएलसी राजपाल सिंह कश्यप ने पत्रकार वार्ता में कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश में अघोषित इमरजेंसी लगा रखी है। अखिलेश यादव के बढ़ते जनाधार से भाजपा घबरा गई है।

Edited By: Jagran